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ओटीटी प्लेटफार्मों पर अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री पर सख्ती, केंद्र सरकार ने जारी की एडवायजरी


नई दिल्ली: सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने ओटीटी प्लेटफार्मों को भारतीय कानूनों और आईटी नियम 2021 के तहत निर्धारित आचारसंहिता का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं। मंत्रालय को सांसदों, विभिन्न संगठनों और आम जनता से शिकायतें मिली थीं कि कुछ ओटीटी प्लेटफार्मों और सोशल मीडिया पर अश्लील, भद्दी और आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित की जा रही है। इन शिकायतों को ध्यान में रखते हुए मंत्रालय ने ओटीटी प्लेटफार्मों और उनकी स्व-नियामक संस्थाओं को एडवायजरी जारी की है।

मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि आईटी नियम 2021 के भाग-III के तहत ओटीटी प्लेटफार्मों के लिए आचारसंहिता बनाई गई है, जिसमें यह अनिवार्य है कि वे किसी भी गैरकानूनी सामग्री का प्रसारण न करें। साथ ही, 'ए' रेटेड सामग्री के लिए उम्र-आधारित वर्गीकरण और एक्सेस कंट्रोल जैसे सुरक्षा उपाय अपनाने को भी कहा गया है।

इसके अलावा, मंत्रालय ने ओटीटी प्लेटफार्मों को याद दिलाया कि 'महिला अश्लीलता प्रतिबंध अधिनियम, 1986', 'भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023', 'पॉक्सो अधिनियम' और 'सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000' के तहत अश्लील और पोर्नोग्राफिक सामग्री प्रकाशित करना दंडनीय अपराध है।

मंत्रालय ने ओटीटी प्लेटफार्मों को आईटी नियम 2021 का कड़ाई से पालन करने और स्व-नियामक संस्थाओं को आचारसंहिता के उल्लंघन पर सख्त कदम उठाने की सलाह दी है। अब देखना यह होगा कि ओटीटी प्लेटफार्म इस एडवायजरी का कितना पालन करते हैं और सरकार इस पर कितनी सख्ती बरतती है। इस मुद्दे पर आपकी क्या राय है? हमें कमेंट में जरूर बताएं।