logo_banner
Breaking
  • ⁕ नागपुर स्नातक सीट के लिए भाजपा ने जारी किया घोषणापत्र, युवाओं और रोजगार पर विशेष फोकस ⁕
  • ⁕ महाराष्ट्र सरकार में फेरबदल की अटकलों पर प्रतापराव जाधव का बयान, बोले- एकनाथ शिंदे नाराज़ नहीं ⁕
  • ⁕ चुनाव आते ही उर्दू स्कूलों की याद क्यों? किरण सरनाईक पर यशोमती ठाकुर का निशाना ⁕
  • ⁕ शिक्षकों का चुनाव प्रचार में इस्तेमाल हुआ तो रद्द होगी संस्था की मान्यता! चंद्रशेखर बावनकुले की चेतावनी ⁕
  • ⁕ अनिल बोंडे का बागी उम्मीदवार डॉ. संगीता शिंदे को आशीर्वाद, महायुति में बढ़ी कलह ⁕
  • ⁕ Akola: काटेपूर्णा और मोर्णा बांध से मिलेगा 24.03 दलघमी पानी, शहर की जलापूर्ति को राहत ⁕
  • ⁕ Chandrapur: पति के सामने बाघ ने महिला पर किया हमला, खेत में काम करते समय दर्दनाक मौत..! ⁕
  • ⁕ Buldhana: 'हमें भीख नहीं, मदद चाहिए', बुलढाणा में किसान संघ ने कद्दू और चॉकलेट देकर सरकार के खिलाफ निकाला गुस्सा.. ⁕
  • ⁕ Nagpur: ड्यूटी पूरी कर घर पहुंचे ASI रविंद्र कोकांडे की अचानक बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान मौत ⁕
Maharashtra

राज्य में 5 ज्योतिर्लिंग विकास योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्ति


मुंबई: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देशानुसार, राज्य के 5 प्रमुख ज्योतिर्लिंग तीर्थस्थलों की विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु 5 वरिष्ठ चार्टर्ड अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। ये अधिकारी समय-समय पर संबंधित ज्योतिर्लिंगों में परियोजनाओं की समीक्षा करेंगे और अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री फडणवीस को सौंपेंगे।

पांच ज्योतिर्लिंगों के लिए नियुक्त वरिष्ठ अधिकारी - भीमाशंकर (पुणे) वी राधा, अतिरिक्त मुख्य सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग, घृष्णेश्वर (छत्रपति संभाजीनगर) - बी वेणुगोपाल रेड्डी, अतिरिक्त मुख्य सचिव, उच्च और तकनीकी शिक्षा विभाग, त्र्यंबकेश्वर (नासिक) - सौरभ विजय, प्रमुख सचिव, वित्त विभाग, औंढा नागनाथ (हिंगोली) - ऋचा बागला, प्रमुख सचिव, वित्त विभाग, परली वैजनाथ (बीड) - अप्पासाहेब धुलज, सचिव, अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग। 

इन तीर्थस्थलों की विकास योजनाओं को संबंधित उच्चाधिकार प्राप्त समितियों की बैठकों में अनुमोदित किया गया है और तदनुसार सरकारी निर्णय लिए गए हैं। श्रीक्षेत्र भीमाशंकर विकास योजना में 148 करोड़ 37 लाख रुपये की लागत के लगभग 11 कार्यों को मंजूरी दी गई है। घृष्णेश्वर विकास योजना की कुल राशि 156 करोड़ 63 लाख रुपये है। त्र्यंबकेश्वर के लिए 275 विकास योजना 15 करोड़ 21 लाख रुपये की है। परली वैजनाथ के लिए तैयार योजनाओं में 286 करोड़ 68 लाख रुपये की लागत के 92 कार्यों को मंजूरी दी गई है।

इन सभी परियोजनाओं को गति मिले, कार्य की गुणवत्ता बनी रहे और इनका क्रियान्वयन उचित योजना के अनुसार हो, इसके लिए संबंधित अधिकारी नियमित रूप से समन्वय करेंगे। यह पहली बार है कि राज्य सरकार के स्तर पर सीधे मंत्रिस्तरीय समन्वय के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्ति की गई है, जिससे इस तीर्थस्थल के विकास को नई दिशा और गति मिलेगी।