Budget Session 2026: राज्यपाल का अभिभषण शुरू, आचार्य देवव्रत बोले- विदर्भ में बनाएंगे स्टील कॉरिडोर
मुंबई: महाराष्ट्र विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत सोमवार से हो गई। सत्र के पहले दिन राज्यपाल आचार्य देवव्रत के अभिभाषण के साथ कार्यवाही प्रारंभ हुई। अपने संबोधन में राज्यपाल ने आगामी एक वर्ष में राज्य के विकास की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए सरकार की प्राथमिकताओं और योजनाओं का विस्तृत विवरण रखा। उन्होंने राज्य में प्रारंभ की गई विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी दी तथा अधोसंरचना, उद्योग और रोजगार सृजन को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
विशेष रूप से गडचिरोली जिले को “स्टील सिटी” के रूप में विकसित करने और विदर्भ क्षेत्र में स्टील कॉरिडोर स्थापित करने की महत्वाकांक्षी योजना का उल्लेख किया गया। सरकार का उद्देश्य औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देकर क्षेत्रीय विकास को गति देना और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित करना है।
राजमाता जिजाऊ, छत्रपति शिवाजी महाराज और डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर के आदर्शों के अनुसार काम करने का भरोसा दिलाते हुए उन्होंने राज्य की आर्थिक तरक्की का डिटेल्ड रिव्यू दिया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र देश में फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट लाने में सबसे आगे है और 2024-25 में राज्य में 16 लाख करोड़ रुपये का FDI आया, जो देश में हुए कुल इन्वेस्टमेंट का 39 परसेंट है। उन्होंने बताया कि देश के ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट में राज्य का हिस्सा 13 से 13.5 परसेंट से ज़्यादा है।
राज्य में 147 सड़क सुधार योजनाओं को मंज़ूरी
राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने राज्य के विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण पर ज़ोर देते हुए एक बड़ा ऐलान किया है। राज्य में 2025 से हरित महाराष्ट्र, समृद्धि महाराष्ट्र जन अभियान शुरू किया गया है और इस पहल के तहत 10 करोड़ पेड़ लगाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि अब तक 9 करोड़ 88 लाख पेड़ लगाए जा चुके हैं। उन्होंने साफ़ किया कि यह अभियान पर्यावरण संतुलन बनाए रखने और आने वाली पीढ़ियों के लिए हरी-भरी विरासत बनाने के लिए चलाया जा रहा है। इसके अलावा, उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में 147 सड़क सुधार योजनाओं को मंज़ूरी दी गई है।
समृद्धि हाईवे को बढ़ाने का फ़ैसला
राज्यपाल ने बताया कि सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर को मज़बूत करने पर ध्यान दे रही है और उसने समृद्धि हाईवे को बढ़ाने का फ़ैसला किया है। उन्होंने कहा कि राज्य देश की GDP में 13 प्रतिशत का योगदान देता है। उन्होंने साफ़ किया कि आर्थिक तरक्की के लिए एक बड़ी डिजिटल ट्रांसफ़ॉर्मेशन योजना लागू की गई है और प्रशासन को और ज़्यादा गतिशील बनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस कर्मियों के रहने की जगह के लिए एक खास योजना लागू की जा रही है।
खेती की प्रोडक्टिविटी बढ़ाने के लिए AI का इस्तेमाल
सरकार खेती के सेक्टर में भी नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करना चाहती है। गवर्नर ने कहा कि खेती की प्रोडक्टिविटी बढ़ाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने भरोसा जताया कि किसानों की इनकम बढ़ाने और प्रोडक्टिविटी सुधारने के लिए मॉडर्न तरीके अपनाए जाएंगे। उनके भाषण से यह साफ हो गया कि सरकार एनवायरनमेंट, इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी और खेती समेत सभी सेक्टर में बैलेंस्ड डेवलपमेंट करने की कोशिश कर रही है।
विदर्भ में स्टील कॉरिडोर, गढ़चिरौली जिले में स्टील हब
राज्य विधानसभा के बजट सेशन के पहले दिन की शुरुआत गवर्नर के भाषण से हुई। अपने भाषण में गवर्नर आचार्य देवव्रत ने महाराष्ट्र के डेवलपमेंट का रोडमैप बताया। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र विदेशी इन्वेस्टमेंट लाने में सबसे आगे है। खास तौर पर, विदर्भ की इंडस्ट्रियल तरक्की के लिए बड़े कदम उठाए जा रहे हैं और उन्होंने विदर्भ में स्टील कॉरिडोर बनाने का ऐलान किया। उन्होंने यह भी बताया कि गढ़चिरौली जिले में स्टील हब बनाने का काम चल रहा है और एक डेवलप्ड महाराष्ट्र के लिए एक पूरा प्लान तैयार किया गया है। उन्होंने साफ किया कि सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर में इन्वेस्टमेंट बढ़ाने पर फोकस करेगी।
इन्वेस्टमेंट से अलग-अलग सेक्टर में नई इंडस्ट्री बनेंगी
अपने भाषण में गवर्नर ने कहा कि गढ़चिरौली जैसे जिलों में इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट को बढ़ावा दिया जाएगा और रोज़गार के मौके तेज़ी से बढ़ेंगे। उन्होंने भरोसा जताया कि स्टील इंडस्ट्री से जुड़े प्रोजेक्ट्स से लोकल लोगों को बड़ी संख्या में मौके मिलेंगे। उन्होंने बताया कि दावोस में हुए एग्रीमेंट से राज्य को 30 लाख करोड़ रुपये का इन्वेस्टमेंट मिला है। उन्होंने यह भी बताया कि इस इन्वेस्टमेंट से अलग-अलग सेक्टर में नई इंडस्ट्री लगेंगी और रोज़गार के बड़े मौके बनेंगे। इसके अलावा, गवर्नर ने कहा कि सरकार महाराष्ट्र-कर्नाटक बॉर्डर विवाद को सुलझाने के लिए कमिटेड है।
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