Akola: तुअर के दामों में गिरावट: 9000 से गिरकर 8000 पर पहुंचा आवक बढ़ने और नमी ने बढ़ाई किसानों की चिंता
अकोला: पिछले हफ्ते तक रिकॉर्ड ऊंचाई पर रहने वाले तुअर के दामों में अब गिरावट का दौर शुरू हो गया है। आठ दिन पहले 9,000 प्रति क्विंटल तक बिकने वाली तुअर के दाम अकोला कृषि उपज मंडी में गिरकर 8,000 के स्तर पर आ गए हैं। नई तुअर की बढ़ती आवक और उसमें नमी (आर्द्रता) की अधिक मात्रा को इस गिरावट का मुख्य कारण माना जा रहा है। बढ़ती लागत और कम उत्पादन के बीच गिरते दामों ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।
जनवरी की शुरुआत में कम उत्पादन, दाल मिलों की बढ़ती मांग और विदेशी 'लेमन' तुअर की कमी के कारण भाव में तेजी देखी गई थी। पिछले महीने तक किसानों को ₹9,000 तक का भाव मिल रहा था। ₹8,500 का भाव मिलने के बावजूद कई किसानों ने और अधिक दाम की उम्मीद में स्टॉक रोक लिया था। लेकिन अब मंडी में नई फसल की आवक बढ़ते ही कीमतों में ₹500 से ₹1,000 तक की कमी आ गई है।
अकोला मंडी में बुधवार को नई तुअर का औसत भाव ₹8,000 और अधिकतम ₹8,180 प्रति क्विंटल दर्ज किया गया। व्यापारियों का कहना है कि नई फसल में नमी ज्यादा होने के कारण खरीदार ऊंचे दाम देने से कतरा रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर किसानों का कहना है कि मानसून में अतिवृष्टि के कारण इस साल उत्पादन पहले ही कम हुआ है, और अब गिरते दाम उनके घाटे को और बढ़ा रहे हैं।
केंद्र सरकार ने तुअर के लिए ₹8,000 का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) घोषित किया है, जिसके आसपास फिलहाल कीमतें स्थिर हैं। हालांकि, पर्याप्त आवक न होने और अंतरराष्ट्रीय बाजार की परिस्थितियों के कारण किसान अभी भी बेहतर कीमतों की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
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