नागपुर में हत्या के मामलों में 43% की बढ़ोतरी; जनवरी 2026 में 10 हत्या के मामले दर्ज, पैसों और पारिवारिक विवाद बन रहे हिंसा की वजह
नागपुर: नागपुर शहर में अपराध का ग्राफ लगातार बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है। साल 2026 की शुरुआत ही हत्या और हिंसक घटनाओं के साथ हुई है। ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, जनवरी महीने में हत्या के मामलों में 43 प्रतिशत की चिंताजनक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। छोटे-छोटे विवाद अब जानलेवा रूप लेते नजर आ रहे हैं।
नागपुर शहर में जनवरी 2026 के दौरान कुल 10 हत्या के मामले दर्ज किए गए, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह संख्या 7 थी। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, पारिवारिक विवाद, पैसों का लेन-देन और पुरानी दुश्मनी हत्या की मुख्य वजह बनकर सामने आई है। 9 जनवरी को अजनी और गिट्टीखदान इलाके में एक ही दिन दो हत्या की घटनाओं ने शहर को झकझोर दिया। वहीं इमामवाड़ा क्षेत्र में बेटे के सामने पिता की हत्या की घटना ने लोगों में भय का माहौल पैदा कर दिया।
कलमना इलाके में मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जहां प्रेमिका को छेड़ने के विवाद में छह लोगों ने मिलकर एक युवक की हत्या कर दी। विशेषज्ञों के अनुसार, छोटी बातों पर बढ़ती आक्रामकता समाज के लिए गंभीर चेतावनी है।
आंकड़ों पर नजर डालें तो,
- हत्या के मामले: 7 से बढ़कर 10
- हत्या के प्रयास: 17 से घटकर 12
- मारपीट और चोट पहुंचाने के मामले: 99 से बढ़कर 107
यानी शहर में हिंसक प्रवृत्तियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। नागपुर में बढ़ती आपराधिक घटनाएं कानून-व्यवस्था के साथ-साथ सामाजिक मानसिकता पर भी सवाल खड़े कर रही हैं। अब देखना होगा कि पुलिस और प्रशासन इस बढ़ती हिंसा पर किस तरह नियंत्रण पाते हैं।
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