चंद्रपुर नगर निगम के महापौर से असंतुष्ट पार्षद, विशेष सभा की मांग तेज
- पवन झबाडे
चंद्रपुर: नगर निगम के महापौर पद का चुनाव हुए एक महीना बीत चुका है। भाजपा की संगीता खांडेकर महापौर पद पर आसीन हुईं, लेकिन अब तक स्थायी समिति के सदस्यों के नाम तय नहीं किए गए हैं। महापौर के पदग्रहण के दौरान हुई पहली सभा में स्थायी समिति सदस्यों के चयन का विषय एजेंडे में शामिल था, लेकिन महापौर ने वह विषय स्थगित करते हुए सभा समाप्त कर दी थी। इसी फैसले से भाजपा और कांग्रेस—दोनों ही दलों के पार्षदों में नाराज़गी देखने को मिली थी। चौंकाने वाली बात यह है कि एक महीना बीत जाने के बावजूद स्थायी समिति के गठन के लिए अब तक कोई विशेष सभा नहीं बुलाई गई है। इससे पार्षदों का असंतोष और अधिक बढ़ गया है।
खास बात यह है कि इस मुद्दे पर अब सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के पार्षदों में भी महापौर के खिलाफ नाराज़गी खुलकर सामने आ रही है। भाजपा के कुछ पार्षदों में यह चर्चा ज़ोर पकड़ रही है कि महापौर किस के निर्देश का इंतज़ार कर रही हैं। इसी बीच आज कांग्रेस के गुटनेता राजेश अडूर ने कांग्रेस पार्षदों के साथ नगर निगम आयुक्त से मुलाक़ात की। उन्होंने मांग कर तत्काल विशेष सभा बुलाकर स्थायी समिति के सदस्यों के नाम घोषित किए जाएँ।
स्थायी समिति अध्यक्ष का चुनाव न होने से शहर के कई विकास कार्य ठप पड़े हैं। कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा नहीं हो पा रही है और अनेक विकास परियोजनाएँ अटकी हुई हैं। कांग्रेस ने मांग की है कि तत्काल स्थायी समिति का गठन कर लंबित विषयों को मार्ग पर लाया जाए। एक ओर कांग्रेस आक्रामक रुख अपनाए हुए है, वहीं दूसरी ओर भाजपा के असंतुष्ट पार्षदों की नाराज़गी से चंद्रपुर नगर निगम में राजनीतिक माहौल गरमाता जा रहा है।
महापौर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की चर्चा तेज
चंद्रपुर नगर निगम की महापौर संगीता खांडेकर को पद संभाले अभी महज एक महीना ही हुआ है, लेकिन उनके खिलाफ पार्षदों की नाराज़गी खुलकर सामने आने लगी है। आरोप है कि महापौर ने अब तक कामकाज को अपेक्षित गति नहीं दी है, जिससे भाजपा के एक गुट में भारी असंतोष है। इस स्थिति का राजनीतिक लाभ उठाने की तैयारी में कांग्रेस है। निजी तौर पर महापौर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की चर्चा पार्षदों के बीच चल रही है, जिससे नगर निगम की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
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