logo_banner
Breaking
  • ⁕ नागपुर स्नातक सीट के लिए भाजपा ने जारी किया घोषणापत्र, युवाओं और रोजगार पर विशेष फोकस ⁕
  • ⁕ महाराष्ट्र सरकार में फेरबदल की अटकलों पर प्रतापराव जाधव का बयान, बोले- एकनाथ शिंदे नाराज़ नहीं ⁕
  • ⁕ चुनाव आते ही उर्दू स्कूलों की याद क्यों? किरण सरनाईक पर यशोमती ठाकुर का निशाना ⁕
  • ⁕ शिक्षकों का चुनाव प्रचार में इस्तेमाल हुआ तो रद्द होगी संस्था की मान्यता! चंद्रशेखर बावनकुले की चेतावनी ⁕
  • ⁕ अनिल बोंडे का बागी उम्मीदवार डॉ. संगीता शिंदे को आशीर्वाद, महायुति में बढ़ी कलह ⁕
  • ⁕ Akola: काटेपूर्णा और मोर्णा बांध से मिलेगा 24.03 दलघमी पानी, शहर की जलापूर्ति को राहत ⁕
  • ⁕ Chandrapur: पति के सामने बाघ ने महिला पर किया हमला, खेत में काम करते समय दर्दनाक मौत..! ⁕
  • ⁕ Buldhana: 'हमें भीख नहीं, मदद चाहिए', बुलढाणा में किसान संघ ने कद्दू और चॉकलेट देकर सरकार के खिलाफ निकाला गुस्सा.. ⁕
  • ⁕ Nagpur: ड्यूटी पूरी कर घर पहुंचे ASI रविंद्र कोकांडे की अचानक बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान मौत ⁕
Maharashtra

मुख्यमंत्री शिंदे और उद्धव ठाकरे को बड़ा झटका, चुनाव आयोग ने पार्टी का नाम और चिन्ह किया सीज


नई दिल्ली: शिवसेना पर कब्जे को लेकर चल रही लड़ाई के बीच मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (CM Eknath Shinde) और उद्धव ठाकरे (Udhav Thackeray) को बड़ा झटका लगा है। केंद्रीय चुनाव आयोग (Election Commission of India) ने पार्टी का नाम और चुनाव चिन्ह को सीज कर दिया है।  शनिवार को आयोग ने यह निर्णय लिया है। हालांकि, यह निर्णय केवल अंधेरी पूर्व विधानसभा सीट (Andheri East By-Poll Election) पर होने वाले उपचुनाव के लिए होगा। 

आयोग द्वारा जारी किए निर्देश के अनुसार, आगामी उपचुनाव  के लिए शिवसेना के चुनाव चिन्ह पर दावा करने वाले दोनों धड़े पार्टी का नाम और चिन्ह का इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं। हालांकि, उपचुनाव के लिए दोनों दलों को अलग अलग सिंबल उपलब्ध कराया जाएगा। आयोग ने दोनों धड़ो को अपनी पसंद का चिन्ह चुनकर 10 अक्टूबर तक बताने का निर्देश भी दिया है।

शिंदे ने जल्द सुनवाई करने का किया था आग्रह 

अंधेरी पूर्व पर होने वाले उपचुनाव को देखते हुए शिंदे गुट ने चुनाव आयोग से चुनाव चिन्ह पर जल्द से जल्द सुनवाई कर निर्णय देने का आग्रह किया था। जिस पर कार्रवाई करते हुए आयोग ने उद्धव गुट को शनिवार दोपहर तक अपना दावे को लेकर दस्तावेज जमा करने का आदेश दिया था। वहीं आज उद्धव गुट द्वारा आयोग ने अपने पक्ष को लेकर सभी दस्तावेज जमा कर दिया थे। इसके पहले शिंदे गुट ने अपने पक्ष को लेकर तमाम दस्तावेज और पदधिकारियों के हस्ताक्षर वाले निवेदन आयोग को सौंप थे। 

उद्धव गुट की बढ़ सकती है मुश्किलें 

अंधेरी सीट पर शिवसेना का कब्ज़ा था, लेकिन विधायक रमेश लटके की हुई मौत के बाद यह सीट रिक्त हो गई है। उद्धव गुट ने इस सीट पर दिवंगत विधायक की पत्नी ऋतुजा लटके को मैदान में उतारा है। वहीं भाजपा-शिंदे गुट की तरफ से भाजपा नेता मुरजी पटेल को मौका दिया है। पहले से बगावत से जूझ रहे उद्धव ठाकरे को आयोग का यह निर्णय मुश्किलें बढ़ सकता है ,कारण 2019 के चुनाव में भाजपा और संयुक्त शिवसेना के उम्मीदवार होने पर लटके ने यहां जीत दर्ज की थी, वहीं पटेल निर्दलीय होते हुए भी दूसरे नंबर पर थे। वहीं अब उन्हें भाजपा और शिंदे गुट का समर्थन मिला हुआ है। हालांकि, उद्धव के उम्मदीवार को कांग्रेस और एनसीपी ने अपना समर्थन दिया है। लेकिन चुनाव चिन्ह सीज होने के बाद उद्धव गुट की मुश्किलें बढ़ सकती है।