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Maharashtra

Big Breaking: सरकारी कर्मचारियों ने हड़ताल की समाप्त, मुख्यमंत्री शिंदे के साथ बैठक पश्च्यात लिया निर्णय


मुंबई: पुरानी पेंशन योजना (Old Pension Scheme) को दोबारा लागू करने को लेकर पिछले छह दिनों से आंदोलन कर रहे राज्य सरकार के कर्मचारियों (State Government Employee) ने अपनी हड़ताल (Strike) वापस ले ली है। सोमवार दोपहर को आंदोलन में शामिल सभी कर्मचारियों के संगठनों के साथ मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ बैठक हुई। जिसमें मुख्यमंत्री ने पुरानी पेंशन को लागू करने का आश्वासन दिया। इसके बाद संगठनों ने आंदोलन समाप्त करने का ऐलान किया। 

बैठक के बाद कर्मचारियों के समन्वय द्वारा जानकारी देते हुए बताया कि, “प्रदेश के सभी कर्मचारी भाई-बहनों ने अटूट एकता का परिचय दिया। इस आंदोलन में कोई हिंसा नहीं थी। इन सभी ने इस हड़ताल को सफल बनाया। मुख्यमंत्री से आज विस्तृत चर्चा हुई। यह चर्चा सफल रही। क्योंकि हमारी मूल मांग पुरानी पेंशन योजना को सभी कर्मचारियों को भूतलक्षी प्रभाव से लागू करने की थी। सरकार ने पिछले सात दिनों में इस संबंध में अलग-अलग कदम उठाए हैं। आज हमें सरकार की ओर से बताया गया है कि वे इस पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं।”

सरकार ने पेश किया नया प्रस्ताव

उन्होंने आगे कहा, “सरकार ने इस संबंध में एक कमेटी गठित की है। हमने उस कमेटी को पहले खारिज कर दिया था। लेकिन आज सरकार ने एक नया प्रस्ताव पेश किया। तदनुसार, मूलधन के रूप में पुरानी पेंशन योजना की मांग को स्वीकार कर लिया गया। पुरानी और नई पेंशन योजनाओं के बीच एक बड़ा अंतर था। सरकार ने हमें लिखित में सूचित किया है कि अब से सभी को समान पेंशन मिलेगी, इसमें कोई गैप नहीं होगा। इससे महाराष्ट्र में पुरानी पेंशन योजना शुरू होगी। समिति के गठन होने के बाद इस पर विचार करेगी।”

14 मार्च से हड़ताल पर थे कर्मचारी 

ज्ञात हो कि, पुरानी पेंशन सहित विविध मांगो को लेकर राज्य सरकार के कर्मचारी हड़ताल कर रहे थे। राज्य के 60 विभागों के 17 लाख से ज्यादा कर्मचारी 14 मार्च से हड़ताल पर थे। इस हड़ताल के कारण राज्य के अंदर सभी सेवाएं ठप पड गई थी। सबसे ज्यादा असर स्वास्थ्य क्षेत्र पर पड़ा था। राज्य भर के अंदर सभी अस्पतालों में भर्ती मरीजो को बड़ी परेशानी हुई। वहीं हड़ताल समाप्त होने से आम नागरिकों को बडी राहत मिली है।