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Maharashtra

सुप्रीम कोर्ट से रश्मि बरवे को बड़ी राहत, राज्य सरकार की याचिका खारिज


नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने रश्मि बरवे के मामले में राज्य सरकार द्वारा दायर विशेष अनुमति याचिका (SLP) को खारिज कर दिया है, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिली है। न्यायमूर्ति बी.आर. गवई और न्यायमूर्ति के.वी. विश्वनाथन की पीठ ने यह निर्णय सुनाते हुए राज्य सरकार द्वारा दायर याचिका को अस्वीकार कर दिया।

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान जाति परीक्षण समिति पर कड़ी टिप्पणी करते हुए उनके आचरण और जिस तरीके से रश्मि बरवे की जाति प्रमाणपत्र और जाति वैधता प्रमाणपत्र को मात्र 9 दिनों में अमान्य घोषित किया गया, उस पर नाराज़गी जताई। कोर्ट ने समिति के इस जल्दबाजी भरे फैसले को अनुचित ठहराया।

रश्मि बरवे का मामला तब उठा था, जब नागपुर की जाति परीक्षण समिति ने उनके जाति प्रमाणपत्र को अमान्य करार दिया था, जिसके बाद बरवे ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। हाई कोर्ट ने उनके पक्ष में फैसला दिया, लेकिन राज्य सरकार ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जिसे अब सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है।

मामले में राज्य की ओर से भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और अधिवक्ता आदित्य पांडे ने पैरवी की, जबकि रश्मि बरवे की ओर से अधिवक्ताओं में दमा शेषाद्रि नायडू, समीर सोनवणे, शैलेश नर्नावरे, अमित ठाकुर, आक़िद मिर्ज़ा और शीबा ठाकुर ने कोर्ट में पक्ष रखा।