logo_banner
Breaking
  • ⁕ अब आउटर रिंग रोड में दौड़ेगी 12 मीटर लंबी EKA बस, बढ़ती दुर्घटनाओं और नागरिकों की सुरक्षा को देखते मनपा का बड़ा निर्णय ⁕
  • ⁕ Nagpur: लगातार नोटिस देने के बाद भी भवन मालिक ने नहीं तोड़ा भवन, मनपा ने खुद बुलडोजर चला किया ध्वस्थ ⁕
  • ⁕ बल्लारपुर क्षेत्र के कोल यार्ड में आग, एक सप्ताह से सुलग रहा कोयला; वेकोलि अधिकारियों की लापरवाही, करोड़ों का नुकसान ⁕
  • ⁕ Chandrapur: नशे का कारोबार किया तो पूरी संपत्ति होगी सील, ड्रग तस्करी में शामिल पान दुकान पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई ⁕
  • ⁕ Nagpur: व्हाट्सऐप पर मुनाफे का झांसा.., ई-कॉमर्स निवेश के नाम पर 4.45 लाख की साइबर ठगी ⁕
  • ⁕ Gondia: दासगांव में बड़ा हादसा: तेज रफ्तार बोलेरो पिकअप ने 3 साल की बच्ची को कुचला, मौके पर ही मौत ⁕
  • ⁕ MPSC परीक्षाओं पर बड़ा फैसला: ऑनलाइन परीक्षा अगस्त 2027 तक टली, तब तक ऑफलाइन ही होंगी सभी परीक्षाएं ⁕
  • ⁕ विदर्भ सहित राज्य के 247 नगर परिषदों और 147 नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद का आरक्षण घोषित, देखें किस सीट पर किस वर्ग का होगा अध्यक्ष ⁕
  • ⁕ अमरावती में युवा कांग्रेस का ‘आई लव आंबेडकर’ अभियान, भूषण गवई पर हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन ⁕
  • ⁕ Gondia: कुंभारटोली निवासियों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर नगर परिषद पर बोला हमला, ‘एक नारी सबसे भारी’ के नारों से गूंज उठा आमगांव शहर ⁕
Maharashtra

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 21 फोरेंसिक वैन को दिखाई हरी झंडी, इन वाहनों को पेश करने वाला महाराष्ट्र बना देश का पहला राज्य


मुंबई: महाराष्ट्र फोरेंसिक वाहनों को पेश करने वाला पहला राज्य बना गया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आज यानी सोमवार को मुंबई स्थित सह्याद्रि गेस्ट हाउस में रिबन काटकर मोबाइल फोरेंसिक वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।   

इस अवसर पर मुख्यमंत्री फड़णवीस ने मीडिया प्रतिनिधियों से बातचीत की। देवेन्द्र फडणवीस ने बताया कि राज्य में कुल 256 मोबाइल फोरेंसिक वाहन तैयार किये जा रहे हैं और उनमें से 21 का आज मुख्यमंत्री ने उद्घाटन किया गया। उन्होंने कहा कि यह वाहन क्राइम सीन एप्लिकेशन ब्लॉक चेन तकनीक का उपयोग करके अपराध स्थल की जांच करेगा। इसमें साक्ष्यों को एकत्रित कर बारकोड के माध्यम से सुरक्षित किया जाएगा। यह वैन अपराधों को सुलझाने, साक्ष्य एकत्र करने और उनका विश्लेषण करने में फोरेंसिक सहायता प्रदान करने में उपयोगी होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वैन का उपयोग बलात्कार के मामलों में आवश्यक रक्त, डीएनए संग्रह और सबूत इकट्ठा करने के लिए किया जा सकता है। वैन में वैज्ञानिक विशेषज्ञ और सहायक कर्मचारी रहेंगे। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए नए भारतीय साक्ष्य अधिनियम के अनुसार, फॉरेंसिक तरीके से गवाही देना और साक्ष्य एकत्र करना अनिवार्य कर दिया गया है। इन मानदंडों के तहत साक्ष्य एकत्र करने के लिए फोरेंसिक वाहनों को पेश करने वाला महाराष्ट्र देश का पहला राज्य बन गया है।