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Maharashtra

महाराष्ट्र देश में सोलर पंप स्थापित करने में सबसे आगे, गैरपारंपरिक ऊर्जा उत्पादन में राज्य अग्रणी


मुंबई: किसानों के लिए दिन में सिंचाई को संभव बनाने, राज्य के किसानों को कृषि उपयोग के लिए ट्रांसमिशनलेस सौर कृषि पंप प्रदान करने के लिए पीएम कुसुम योजना लागू की जा रही है। महाराष्ट्र ने इस योजना के कार्यान्वयन में अग्रणी भूमिका निभाई है और अब तक 71 हजार 958 सौर पंप स्थापित किए हैं।

केंद्र सरकार का नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय 2019 से 2023 की अवधि के लिए 'किसान ऊर्जा सुरक्षा व उत्थान महाभियान' या 'कुसुम' योजना लागू कर रहा है। इस योजना में राज्यों को 9 लाख 46 हजार 471 सोलर पंप लगाने की मंजूरी दी गई है। देश में कुल 2 लाख 72 हजार 916 सोलर पंप लगाए गए हैं। इनमें महाऊर्जा के माध्यम से सबसे अधिक सौर कृषि पंप महाराष्ट्र में स्थापित किए गए हैं।

सोलर पंप के लिए सब्सिडी

इस योजना के तहत किसानों को 90 प्रतिशत सब्सिडी दी जाती है, जिसमें केंद्र का हिस्सा 30 प्रतिशत, राज्य का 10 प्रतिशत, लाभार्थी का 10 प्रतिशत और कुल हिस्सा 50 प्रतिशत होता है। जबकि अनुसूचित जाति और जनजाति के लिए लाभार्थी का हिस्सा 5 प्रतिशत है, केंद्र 30 प्रतिशत और राज्य 65 प्रतिशत प्रदान करेगा।

इसके साथ ही राज्य सरकार ने अपनी गैर परंपरागत ऊर्जा उत्पादन नीति 2020 तैयार कर ली है और कैबिनेट ने इसे मंजूरी दे दी है। 12 मई 2021 के एक फैसले में सरकार ने अगले पांच वर्षों में राज्य में पांच लाख सौर कृषि पंपों की स्थापना को मंजूरी दे दी है। इसलिए केंद्रीय योजना के साथ-साथ राज्य भी सौर ऊर्जा के उपयोग को काफी हद तक प्रोत्साहित कर रहा है।