स्थानीय निकाय चुनावों के दौरान आचारसंहिता से छूट देने के प्रस्तावों की जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित, राज्य निर्वाचन आयोग का निर्णय
मुंबई: राज्य निर्वाचन आयोग ने निर्देश दिया है कि स्थानीय निकायों के आम चुनावों के दौरान आचार संहिता से छूट के लिए प्राप्त प्रस्तावों की जाँच हेतु लोकसभा और विधानसभा चुनावों के दौरान गठित समिति की तर्ज पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक समिति गठित की जाए।राज्य निर्वाचन आयुक्त दिनेश वाघमारे की अध्यक्षता में 16 अक्टूबर 2025 को आयोग कार्यालय में हुई महत्वपूर्ण बैठक में यह निर्णय लिया गया।
इस बैठक में मुख्य सचिव समेत शासन के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। नई गठित समिति का मुख्य कार्य आचारसंहिता से छूट मांगने वाले प्रस्तावों की गहन समीक्षा करना होगा। समिति यह तय करेगी कि कौन-से प्रस्ताव चुनावी आचारसंहिता के नियमों के अनुरूप हैं और किन्हें मंजूरी दी जा सकती है। समीक्षा के बाद समिति अपनी अनुशंसा राज्य निर्वाचन आयोग को भेजेगी। आयोग उसी के आधार पर आगे का निर्णय लेगा।
राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी सरकारी विभागों को निर्देशित किया है कि अब कोई भी प्रस्ताव सीधे आयोग को न भेजा जाए। ऐसे सभी प्रस्ताव पहले इस समिति के माध्यम से भेजे जाएंगे ताकि निर्णय प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित और निष्पक्ष हो।सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार, महाराष्ट्र में सभी लंबित स्थानीय स्वराज संस्थाओं के चुनाव 31 जनवरी 2026 तक पूरा करना अनिवार्य है। इसी के तहत नगर परिषदों और नगर पंचायतों के चुनाव पहले चरण में घोषित किए गए हैं, जिन पर आचारसंहिता पहले से लागू है। अब यह समिति आगामी सभी स्थानीय निकाय चुनावों के लिए सक्रिय रहेगी और शासन व आयोग के बीच सामंजस्य (समन्वयक ) की भूमिका निभाएगी।
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