आखिर अकोट नगर परिषद में भाजपा-एमआईएम युती का 'पार्ट 2' हुआ सफल
अकोला: अकोला जिले के अकोट नगर परिषद में सत्ता गठन के लिए भाजपा और एमआईएम का पहला प्रयास विफल रहा था। लेकिन स्वीकृत नगरसेवक के चयन के माध्यम से इस युती का 'पार्ट 2' सफल हो गया, जिससे भाजपा और एमआईएम की छिपी युती स्पष्ट हो गई।
स्वीकृत नगरसेवक पद के लिए एमआईएम ने भाजपा जिला सदस्य व पूर्व नगराध्यक्ष रामचंद्र बरेठिया के पुत्र जितेन बरेठिया का नाम प्रस्तावित किया और उन्हें स्वीकृत नगरसेवक चुना गया। इस निर्णय से एमआईएम के कुछ नगरसेवकों में नाराजगी फैली और एक नगरसेविका के पति ने सीधे सदस्यता का इस्तीफा दे दिया। गट गठन के समय स्वीकृत गैर-मुस्लिम उम्मीदवार न लेने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन उसे तोड़ा गया - ऐसा नाराज नगरसेविका के पति ने आरोप लगाया।
भाजपा विधायक प्रकाश भारसाकले ने जितेन बरेठिया का भाजपा से कोई संबंध न होने का कहकर इस मामले से दूरी बनाने की कोशिश की। लेकिन नगर परिषद की पहली आम सभा में एमआईएम गुट ने जितेन बरेठिया को स्वीकृत नगरसेवक के रूप में चुना। इन घटनाओं से अकोट नगर परिषद में भाजपा-एमआईएम युती का दूसरा चरण सफल माना जा रहा है।
इस मामले में एमआईएम के पांच नगरसेवकों पर भाजपा उम्मीदवार को मदद करने का आरोप लगाते हुए स्पष्टीकरण मांगा गया है। एमआईएम प्रदेश उपाध्यक्ष युसुफ पुंजानी ने पत्र के माध्यम से नोटिस जारी कर इसे पार्टी-विरोधी हरकत बताया। वहीं संभावित स्वीकृत नगरसेवक उम्मीदवार ताज राणा ने वीडियो में इन पांच नगरसेवकों पर विश्वासघात का आरोप लगाया और मदद न करने की अपील की। उन्होंने पार्टी से उनकी निष्कासन की भी मांग की।
इन सभी घटनाओं पर एमआईएम नेता इम्तियाज जलील ने अपने सार्वजनिक भाषण में संबंधित पांचों नगरसेवकों को पार्टी से निष्कासित करने की घोषणा कर दी। हालांकि आधिकारिक पत्र से यह आदेश जारी नहीं हुआ है। अकोट नगर परिषद में स्वीकृत नगरसेवक के चयन से भाजपा-एमआईएम युती का दूसरा चरण सफल रहा। लेकिन इस निर्णय से एमआईएम में ही नाराजगी फैली और इस्तीफे, नोटिसें व अंततः सीधे निष्कासन की कार्रवाई हुई। इन घटनाओं से अकोट की राजनीति में बड़ा हड़कंप मच गया है।
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