logo_banner
Breaking
  • ⁕ भाजपा-कांग्रेस कार्यकर्ता आमने-सामने, गिट्टीखदान इलाके में तनाव ⁕
  • ⁕ राज्य चुनाव आयोग ने ‘लाडली बहन योजना’ का लाभ अग्रिम रूप से देने पर लगाई रोक ⁕
  • ⁕ Nagpur: क्राइम ब्रांच की छापा मार कार्रवाई, साढ़े पाँच लाख का प्रतिबंधित गुटखा–तंबाकू जब्त ⁕
  • ⁕ Nagpur: नायलॉन मांजा पर हाईकोर्ट सख्त, पतंग उड़ाने पर 25,000 और बेचने पर 2.5 लाख रुपये का जुर्माना ⁕
  • ⁕ मनपा चुनाव के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार; सुरक्षा और तकनीकी इंतज़ाम पुख्ता, दोपहर तक परिणाम की संभावना ⁕
  • ⁕ मनपा चुनाव प्रचार का आज अंतिम दिन, रैलियों और जनसभाओं के ज़रिए प्रत्याशी झोंकेंगे पूरी ⁕
  • ⁕ प्रचार के अंतिम दिन भाजपा ने झोंकी पूरी ताक़त; फडणवीस निकाल रहे बाइक रैली, गडकरी और बावनकुले की जनसभाओं से मांगे जाएंगे वोट ⁕
  • ⁕ चांदी के भाव में उछाल का दौर जारी; नागपुर सराफा बाजार में 2,53,500 प्रति किलो पर पहुंची चांदी ⁕
  • ⁕ Bhandara: लाखोरी गांव के पास घूम रहे तीन भालू, इलाके में डर का माहौल ⁕
  • ⁕ Nagpur: नकली एमडी बिक्री विवाद में युवक पर जान लेवा हमला, चाकू मार कर किया गंभीर रूप से घायल ⁕
Maharashtra

नवनियुक्त मंत्री छगन भुजबल ने किया बड़ा दावा; कहा- शरद पवार ने भी माना, 2024 में मोदी लौट रहे


मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में आज बड़ा उलटफेर हो गया है। भतीजे अजित पवार ने चाचा शरद पवार की रोटी बदलते हुए अपने समर्थको के साथ शिंदे-फडणवीस सरकार में शामिल हो गए। पवार को जहां राज्य का उपमुख्यमंत्री बनाया गया, वहीं अन्य आठ विधायकों को मंत्री बनाया गया है। मंत्री पद की शपथ लेने वाले छगन भुजबल () ने शरद पवार को लेकर बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि, "पवार ने भी माना और कह चुके हैं की 2024 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री मोदी चुनाव जितने वाले हैं और सरकार में वापसी करेंगे।"

मंत्री पद की शपथ लेने के बाद मीडिया से बात करते हुए भुजबल ने कहा, "हम सरकार में तीसरी पार्टी के रूप में शामिल हुए हैं। कुछ लोग कह रहे हैं कि हमने पार्टी तोड़ दी है लेकिन यह सही नहीं है. हम यहां एनसीपी के तौर पर आये हैं. हमने भी कई मौकों पर मोदी सरकार की आलोचना की है लेकिन यह सच है कि देश उनके हाथों में सुरक्षित है।'' उन्होंने आगे कहा, “पवार साहब ने खुद कहा था कि नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री के रूप में वापस आ रहे हैं और एक सकारात्मक संकेत के रूप में, हमने विकास के लिए इस सरकार के साथ आने का फैसला किया है।”

खुद के ऊपर विपक्षी नेताओं द्वारा ईडी के दवाब में निर्णय लेने का आरोप लगाया है। जिसपर जवाब देते हुए भुजबल ने कहा, "वे (विपक्ष) कह रहे हैं कि हम यहां हैं क्योंकि हमारे खिलाफ मामले हैं और हम दबाव में हैं। हममें से अधिकांश के खिलाफ या तो अब कोई मामला नहीं है या जांच चल रही है। कोर्ट ने हमारे खिलाफ कोई कठोर कदम नहीं उठाया है क्योंकि हमारे खिलाफ कुछ भी ठोस नहीं है। इसलिए यह कहना कि हम इसलिए शामिल हुए क्योंकि हम दबाव में थे, सही नहीं है।"