logo_banner
Breaking
  • ⁕ नागपुर में शराबी चालक का कहर, दोपहिया को मारी टक्कर; दो घायल, RPTS चौक की घटना ⁕
  • ⁕ Amravati: लाइनमैन की लापरवाही से आदिवासी युवक की मौत, ग्रामीणों ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग ⁕
  • ⁕ Amravati: क्राइम ब्रांच टीम की जुएं आड़े पर कार्रवाई, 9 आरोपियों को किया गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ चिकन खाने के दौरान हुआ विवाद, चचेरे भाई ने 12 वर्षीय भाई की हत्या; अमरावती जिले के भातकुली की घटना ⁕
  • ⁕ Chandrapur: सांसद धानोरकर के स्नेहमिलन से वडेट्टीवार गुट की दूरी, चंद्रपुर कांग्रेस में विवाद बरकरार ⁕
  • ⁕ AIIMS नागपुर में रिक्त पदों को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट सख्त, नियुक्य किया अदालत मित्र; दो हफ्तों में सुधारात्मक सुझावों की सूची देने का दिया निर्देश ⁕
  • ⁕ Nagpur Airport Expansion: AID ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, क्षेत्रीय विकास के लिए एयर कनेक्टिविटी को बताया जरूरी; मांग पूरी न होने पर जनआंदोलन की चेतावनी ⁕
  • ⁕ Akola: खुदको आईबी अधिकारी बताकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में घुसपैठ करने वाले आरोपी को तीन दिन की पुलिस हिरासत ⁕
  • ⁕ Yavatmal: मुलावा फाटा-सावरगाव रोड पर रोंगटे खड़े करने वाला हादसा, युवक का सिर 12 किमी तक टैंकर में रहा फंसा ⁕
  • ⁕ Amravati: वलगाव में खेत में किसान के साथ अज्ञात लोगों ने की मारपीट, डॉक्टरों की लापरवाही से किसान की मौत होने का आरोप ⁕
Maharashtra

राज्य में स्कूलों के लिए एक रंग एक गणवेश नीति लागू 


मुंबई: राज्य में "एक रंग-एक गणवेश" नीति को अपनाया जा रहा है.नीति को नए शैक्षणिक वर्ष से लागू किया जायेगा। यह घोषणा राज्य के स्कूली शिक्षा मंत्री दीपक केसरकर ने की है.उन्होंने बताया की इसी वर्ष से इस नीति को अंगीकृत किया जा रहा है.इस नीति के तहत सभी सरकारी स्कूलों में एक जैसा गणवेश रहेगा। लेकिन ऐसी स्कूल जिन्होंने सरकार के इस हालिया निर्णय से पहले कपड़ों का ऑर्डर दे दिया है.उन स्कूलों में तीन दिन बाद इस निर्णय को अमल में लाया जायेगा।

राज्य में 15 जून से सरकारी स्कूल शुरू हो रही है.इसके लिए महज 22 दिन बचे है बावजूद इसके सरकारी स्कूलों के लिए 'एक रंग - एक गणवेश' नीति को लागू किया गया है.कहा जा रहा है की हालही में केसरकर की स्कूल व्यवस्थापकों और अधिकारियों के साथ बैठक की थी.इसके बाद इस निर्णय को लागू किया गया है.

खास है की शिक्षा मंत्री जल्द ही निजी स्कूलों को संचालित करने वाली संस्थाओं से बैठक करने वाले है.कहा जा रहा है की निजी स्कूलों को भी सरकार पुस्तक और गणवेश उपलब्ध करवाएगी। शिक्षा मंत्री ने बताया की इस नीति को लेकर किसी भी तरह की भ्रान्ति या गलतफहमी रखने की जरुरत नहीं है.इसके पीछे किसी भी तरह का आर्थिक हेतु नहीं है.बच्चों में बेहतर कपड़े और अन्य सामग्री मिले इसके पीछे का यही हेतु है.इस निर्णय के चलते प्रशासन की चिंता कम होगी। गणवेश के रंग को लेकर प्रशासन के सामने भी सम्भ्रम की स्थिति रहती है जो दूर होगी।