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Maharashtra

यह पहला मौका नहीं जब साथी छोड़कर गए हो,इतिहास गवाह है जब-जब ऐसा हुआ मैं और मजबूत हुआ


मुंबई: अजित पवार की पार्टी से बगावत के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी सुप्रीमो शरद पवार लगातार अपनी बात मीडिया के मंच से रख रहे है.सोमवार को अपने सातारा दौरे के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए शरद पवार ने कहा की उनके लिए यह पहला मौका नहीं है की जब उनके द्वारा चुनाकर लाये गए साथी उन्हें छोड़के गए है.पवार ने पत्रकारों से कहा की यह पत्रकारों के लिए नया मौका होगा लेकिन उनके लिए ऐसे कई अनुभव मिले है.उन्होंने वर्ष 1998 का उदाहरण देते हुए बताया की वो कुछ काम के लिए विदेश गए थे इसी बीच 59 साथियो में से 54 साथी उन्हें छोड़कर चले गए थे.उस वक्त वह सिर्फ पांच साथियो के नेता बनकर रहे गए थे लेकिन इसके बाद हुए चुनाव में राज्य की जनता से उनका जोरदार समर्थन दिया।पवार ने कहा की जब जब उनके साथ ऐसा मौका आया है इतिहास गवाह है की उन्हें राज्य की जनता से साथ दिया है.पवार ने कहा की इस बार भी ऐसा ही होगा वो राज्य भर में दौरा करेंगे और नए कार्यकर्ताओं को जोड़ने का प्रयास करेंगे। पवार ने अजित पवार की उस बात को भी झूठ करार दिया जिसमे अजित ने कहा था की उन्होंने सरकार में शामिल होने का निर्णय शरद पवार के आशीर्वाद से लिया है.सीनियर पवार ने इसे जनता में भ्रम फ़ैलाने के लिए अजित द्वारा ऐसा कहे जाने की जेकरि दी.अजित पवार पार्टी नहीं है नेता उनके साथ भले हो लेकिन कार्यकर्ता मेरे साथ है.आज मै सातारा में हूँ किसी भी अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने के लिए यह सबसे सही जगह है.