विदर्भ बना 'आग का गोला': 47.1°C के साथ वर्धा महाराष्ट्र में सबसे गर्म; नागपुर में पारा 46.6 पार, देखें अपने जिले का तापमान
नागपुर: मई के महीने में पूरा विदर्भ इस वक्त भीषण गर्मी की चपेट में है और यहाँ के हालात किसी तपते हुए आग के गोले जैसे बन गए हैं। बुधवार को विदर्भ में गर्मी ने अपने सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। मौसम विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, 47.1 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ वर्धा आज पूरे महाराष्ट्र का सबसे गर्म जिला दर्ज किया गया है।
वर्धा के साथ-साथ उपराजधानी नागपुर में भी सूरज ने अपना रौद्र रूप दिखाया, जहाँ पारा 46.6 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुँचा। वहीं अमरावती, अकोला और चंद्रपुर समेत विदर्भ के अधिकांश जिलों में तापमान 46 डिग्री के पार या उसके आसपास बना हुआ है। लगातार बढ़ती इस जानलेवा गर्मी और 'सीवियर हीट वेव' (भीषण लू) ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। मौसम विभाग द्वारा जारी आकड़ो के अनुसार,
- अकोला – 45.2 डिग्री
- अमरावती – 46.4 डिग्री
- भंडारा – 44.6 डिग्री
- बुलढाणा – 41.0 डिग्री
- चंद्रपुर – 46.2 डिग्री
- गढ़चिरौली – 45.6 डिग्री
- गोंदिया – 44.9 डिग्री
- नागपुर – 46.6 डिग्री
- वर्धा – 47.1 डिग्री
- वाशिम – 42.6 डिग्री
- यवतमाल – 45.2 डिग्री
सड़कों पर पसरा सन्नाटा, लगा 'अघोषित कर्फ्यू'
झुलसा देने वाली गर्म हवाओं के कारण दोपहर के वक्त विदर्भ के शहरों में ऐसा नजारा देखने को मिल रहा है, मानो कोई कर्फ्यू लगा हो। मुख्य सड़कों, बाजारों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों में पूरी तरह सन्नाटा पसरा हुआ है। जरूरी काम होने पर ही लोग पूरे चेहरे और सिर को ढककर बाहर निकल रहे हैं।
अस्पतालों में बढ़े मरीज, प्रशासन अलर्ट पर
इस रिकॉर्डतोड़ गर्मी का सीधा असर आम जनता की सेहत पर पड़ रहा है। विदर्भ के सरकारी और निजी अस्पतालों में हीट स्ट्रोक (लू लगना), डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी), उल्टी-दस्त और गर्मी से जुड़ी अन्य बीमारियों के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। डॉक्टरों ने नागरिकों को लगातार ओआरएस (ORS), नींबू पानी और तरल पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी है।
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