logo_banner
Breaking
  • ⁕ कर्जदार किसान की 'किडनी बिक्री' मामले में नया मोड़! फरार चल रहे डॉ. रवींद्र पाल सिंह ने कोर्ट में किया सरेंडर, दूसरा मुख्य आरोपी अब भी फरार ⁕
  • ⁕ लाडली बहन योजना में बड़ा खेल! 12 हजार सरकारी कर्मचारियों ने बटोरे पैसे; विधानसभा में सरकार ने कबूली चौंकाने वाली बात ⁕
  • ⁕ Nagpur: बजाजनगर के अवैध रेस्टोरेंट्स पर चलेगा बुलडोजर! हाईकोर्ट की फटकार के बाद फडणवीस सरकार ने खारिज की अपील ⁕
  • ⁕ महाराष्ट्र विधानसभा: मानसून सत्र के तीसरे दिन किसानों के लिए बड़ा ऐलान, 30 जून तक 56 लाख किसानों की कर्जमाफी ⁕
  • ⁕ NEET सेंटर विवाद में बड़ा ट्विस्ट! NTA बोली- अभ्यर्थी ने खुद चुना था एग्जाम सिटी"; पिता तालिब ने दावे को किया ख़ारिज ⁕
  • ⁕ अमरावती में भारी हंगामा: किरीट सोमैया की गाड़ी के आगे लेटे MIM कार्यकर्ता, पुलिस ने बल प्रयोग कर हटाया ⁕
  • ⁕ खड़ी निजी बस में लगी आग, टेकड़ी रोड के एमपी बस स्टैंड की घटना; परिसर में मचा हड़कंप ⁕
  • ⁕ विदर्भ सहित राज्य के 247 नगर परिषदों और 147 नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद का आरक्षण घोषित, देखें किस सीट पर किस वर्ग का होगा अध्यक्ष ⁕
  • ⁕ अमरावती में युवा कांग्रेस का ‘आई लव आंबेडकर’ अभियान, भूषण गवई पर हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन ⁕
  • ⁕ Gondia: कुंभारटोली निवासियों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर नगर परिषद पर बोला हमला, ‘एक नारी सबसे भारी’ के नारों से गूंज उठा आमगांव शहर ⁕
Nagpur

विदर्भ में गर्मी का 124 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा, 1901 के बाद फ़रवरी महीने में इतना रहा तापमान


नागपुर: विदर्भ में गर्मी बढ़ती जा रही है। हालांकि, इसके बावजूद फरवरी 2025 में न्यूनतम तापमान का 124 साल पुराना रिकॉर्ड टूट गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार विदर्भ, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश यानी मध्य भारत में न्यूनतम तापमान 16.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पिछले साल फरवरी में 16.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था। इसमें 1.73 डिग्री का असामान्य तापमान था, जिससे फरवरी 1901 के बाद सबसे गर्म महीना बन गया।

1901 से फरवरी में मध्य भारत में औसत तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस रहा है। इस बीच, भारतीय मौसम विभाग ने भविष्यवाणी की है कि इस साल जल्द ही गर्मी की लहर शुरू हो जाएगी। भारत में गर्मियाँ आमतौर पर होली के बाद शुरू होती हैं। इस वर्ष, गर्म लहर फरवरी के मध्य में शुरू हुई। इसलिए भारतीय मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जताया है कि जल्द ही सूरज की तीखी तपिश और लू का असर महसूस किया जाएगा। विदर्भ में सामान्य से कम बेमौसम बारिश होने की संभावना है।

इस वर्ष जनवरी और फरवरी का अंत सूखा रहा, क्योंकि वर्षा की कमी शून्य से 89 प्रतिशत कम थी। मध्य भारत में 1.6 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि औसत बारिश 14.6 मिलीमीटर होती है। इस फरवरी में सर्वाधिक अधिकतम तापमान के मामले में यह क्षेत्र अब चौथे स्थान पर है। क्षेत्र में 32.47 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जिसमें 1.94 डिग्री सेल्सियस की असामान्यता थी। 2023 में फरवरी में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 32.59 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। फरवरी की शुरुआत से ही नागपुर और विदर्भ के अन्य जिलों में गर्मी जैसी गर्मी महसूस होने लगी थी।

यद्यपि सर्दी कम होने से तापमान आरामदायक रहने की उम्मीद है। इस शीतकाल में ऐसी कोई शीत लहर नहीं आई। भारतीय मौसम विभाग ने भी कहा है कि अधिकतर रात का तापमान सामान्य से अधिक रहा। मौसम विभाग का कहना है कि मार्च से मई के बीच विदर्भ में भीषण गर्मी पड़ने की प्रबल संभावना है। गर्मियों में अधिकतम तापमान सामान्य से दो से तीन डिग्री अधिक रहने की उम्मीद है।

प्री-मानसून महीनों में वर्षा सामान्य से कम होगी। तापमान में यह वृद्धि हिंद महासागर के द्विभाजन और अल नीनो दक्षिणी दोलन के कारण है। ये बड़े पैमाने पर होने वाली वायुमंडलीय घटनाएँ हैं, जो अधिकतम तापमान में वृद्धि का कारण बनती हैं। मौसम विभाग का कहना है कि गर्म लहरें शहरी गर्मी, कार्बन उत्सर्जन और अन्य जलवायु परिवर्तन कारकों के कारण उत्पन्न होती हैं।