logo_banner
Breaking
  • ⁕ सैंड इस्तेमाल को बढ़ावा देने राज्य में नई पॉलिसी लागू; राजस्वमंत्री बावनकुले ने की घोषणा, शर्तें तोड़ने पर लाइसेंस होगा रद्द ⁕
  • ⁕ लावणी पर थिरकी एनसीपी अजित पवार गुट! पार्टी कार्यालय के भीतर नाच-गाने पर बवाल, आलाकमान ने अध्यक्ष अहिरकर से माँगा स्पष्टीकरण ⁕
  • ⁕ Buldhana: कंस्ट्रक्शन वर्कर के नाम पर फर्जी प्रमाणपत्र बनाकर वसूली, दो ऑनलाइन सेंटरों पर छापा, लेबर विभाग की बड़ी कार्रवाई ⁕
  • ⁕ Saoner: सावनेर के चंपा शिवार में सड़ी-गली हालत में मिला शव, खापरखेड़ा से गुमशुदा व्यक्ति की हुई पहचान ⁕
  • ⁕ Buldhana: जिले में बेमौसम बारिश ने दी दस्तक, कटाई के सीजन में फसलों को भारी नुकसान का खतरा ⁕
  • ⁕ Chandrapur: केसला घाट इलाके में बाघ ने बाइक सवार पर किया हमला, लोगों में डर का माहौल ⁕
  • ⁕ Amravati: कमुंजा फाटा के पास तेज़ रफ़्तार बस ने बाइक को मारी टक्कर, हादसे में एक की मौत, एक गंभीर ⁕
  • ⁕ विदर्भ सहित राज्य के 247 नगर परिषदों और 147 नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद का आरक्षण घोषित, देखें किस सीट पर किस वर्ग का होगा अध्यक्ष ⁕
  • ⁕ अमरावती में युवा कांग्रेस का ‘आई लव आंबेडकर’ अभियान, भूषण गवई पर हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन ⁕
  • ⁕ Gondia: कुंभारटोली निवासियों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर नगर परिषद पर बोला हमला, ‘एक नारी सबसे भारी’ के नारों से गूंज उठा आमगांव शहर ⁕
Nagpur

कादम्बिनी गांगुली से लेकर आनंदीबाई जोशी, भारतीय विज्ञान परिषद में महिला वैज्ञानिकों के जीवन की लगी प्रदर्शनी


नागपुर: भारतीय विज्ञान कांग्रेस की प्रदर्शनी में महिला वैज्ञानिकों की जीवनी 'आनंदीबाई जोशी से कादम्बिनी गांगुली' को प्रस्तुत किया गया है। 'हॉल ऑफ प्राईड’ हॉल में आयोजित इस प्रदर्शनी में आनंदीबाई जोशी, केतयुन अर्देशिर दिनशाय, बिमला बूटी, इरावती कर्वे, असीमा चटर्जी, डॉ. जानकी अम्मल, अन्ना मणि, कमल रणदिवे, डॉ. विभा चौधरी, कादम्बिनी गांगुली, मैरी पूनन लुकोस, कमल रणदिवे जैसे विज्ञान के क्षेत्र में योगदान देने वाली महिला वैज्ञानिकों के बारे में जानकारी शामिल है।

चिकित्सा के क्षेत्र में ऑन्कोलॉजिस्ट केतायुन अर्देशिर दिनशाया द्वारा विशेष रूप से कैंसर के लिए विकिरण चिकित्सा पर किए गए शोध के बारे में जानकारी यहां दी गई है। इस प्रदर्शनी में पहली भारतीय महिला रसायनज्ञ असीमा चटर्जी को विज्ञान प्रतिभाओं के बारे में जानकारी दी गई है। भटनागर शांति पुरस्कार प्राप्त किया, जिसे भारत का नोबेल पुरस्कार माना जाता है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। उन्हें 'पद्म भूषण' से सम्मानित किया गया था।

अन्ना मणि को भारत की 'मौसम महिला' के रूप में जाना जाता है। अन्ना मणि ने भारतीय मौसम वेधशालाओं के डिजाइन में बहुत योगदान दिया है। उनके द्वारा निर्मित मौसम वेधशालाएं भारत की जलवायु के पहलुओं को मापने और भविष्यवाणी करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

 इस प्रदर्शनी में बिमला बूटी, इरावती कर्वे, कमल रणदिवे, आनंदी गोपाल जोशी, डॉ. विभा चौधरी, कादम्बिनी गांगुली, मैरी पूनन लुकोस, कमल रणदिवे द्वारा विज्ञान के क्षेत्र में दिए गए अमूल्य योगदान की प्रेरक जानकारी देखी व पढ़ी जा सकती है। साथ ही विज्ञान के क्षेत्र में अन्य देशों की तुलना में देश में महिला वैज्ञानिकों की संख्या, अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में महिलाओं का योगदान और अन्य रोचक जानकारी इस प्रदर्शनी में देखी जा सकती है।