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Nagpur

जीरो माइल-मानस चौक अंडरपास को रक्षा विभाग की हरी झंडी, 13 विभागों की मंजूरी अभी भी लंबित


नागपुर: मानस चौक से जीरो माइल तक प्रस्तावित अंडरपास परियोजना को आखिरकार रक्षा विभाग की मंजूरी मिल गई है। लंबे समय से अटकी इस परियोजना को हरी झंडी मिलने के बावजूद अब आशंका जताई जा रही है कि 13 विभागों की अनिवार्य अनुमतियाँ न होने से सरकारी धन बर्बाद हो सकता है।

नागपुर के मानस चौक से जीरो माइल के बीच प्रस्तावित अंडरपास परियोजना को लेकर महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। रक्षा मंत्रालय ने राज्य सरकार को हलफनामा देकर बताया है कि रक्षा विभाग से ‘नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट’ (NOC) पहले ही जारी किया जा चुका है, और परियोजना पर विभाग की तरफ़ से कोई आपत्ति नहीं है। हालाँकि, इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक 13 विभागों की अनुमति अभी भी लंबित है। सुरक्षा समिति ने पहले ही चिंता जताई थी कि बिना सभी अनुमतियों के काम शुरू करना जनता के पैसों की बर्बादी साबित हो सकता है।

महा मेट्रो ने हाईकोर्ट में कहा है कि सभी शर्तों का पालन किया जाएगा और सभी विभागों से अनुमति मिलने के बाद ही निर्माण कार्य शुरू होगा। लेकिन जोनिंग, पर्यावरण, ट्रैफिक और नगररचना सहित कई विभागों की मंजूरी लंबित होने से परियोजना अभी भी अधर में लटकी हुई है। लेकिन यह सवाल उठ रहा है कि बिना पूरी प्रक्रिया पूरी किए अंडरपास निर्माण की पहल क्यों शुरू की गई, जबकि इससे सरकारी धन और संसाधनों के दुरुपयोग की आशंका बढ़ती है। उधर, विशेषज्ञों का मानना है कि क्षेत्र में सुरक्षा और ट्रैफिक की दृष्टि से अंडरपास आवश्यक है, लेकिन सभी मंजूरियों के बाद ही निर्माण शुरू होना चाहिए ताकि भविष्य में कोई कानूनी अड़चन न आए।