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Nagpur

परिवहन समिति व विद्यार्थी परिवहन वाहनों का विवरण सौंपने के उच्च न्यायालय ने स्कूलों को दिए निर्देश; अन्यथा 50 हजार रुपये का जुर्माना


नागपुर: राज्य मान्यता प्राप्त सभी माध्यमिक और उच्च माध्यमिक बोर्डों की प्राथमिक, माध्यमिक व उच्च माध्यमिक स्कूलों को पिछले दो वर्षों की परिवहन समिति की बैठकों की जानकारी और विद्यार्थियों के परिवहन के लिए उपयोग की जाने वाली बसों व अन्य वाहनों की पूरी सूची प्रस्तुत करने का निर्देश मुंबई उच्च न्यायालय के नागपुर बेंच ने दिया है। निर्देशों का पालन न करने वाले संबंधित स्कूल पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है, यह भी न्यायालय ने कहा है।

यह जानकारी जनहित याचिका क्रमांक 2/2012 के तहत 16 फरवरी, 6 मार्च और 17 मार्च 2026 के आदेशों के अनुरूप मांगी गई है। न्यायालय ने स्कूलों को पिछले दो वर्षों में हुई परिवहन समिति की बैठकों का विवरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही विद्यार्थियों के परिवहन के लिए नियुक्त बसों और अन्य वाहनों की पूरी सूची प्रस्तुत करना अनिवार्य किया गया है। 

इस मामले की अगली सुनवाई 18 जून को होगी और नागपुर जिले के सभी संबंधित स्कूलों के प्रधानाध्यापक, प्राचार्य व प्रबंधन से कहा गया है कि आवश्यक जानकारी शपथ पत्र के साथ 18 जून से पहले मुंबई उच्च न्यायालय, नागपुर बेंच के समक्ष प्रस्तुत करें, ऐसी सार्वजनिक सूचना विभागीय शिक्षा उपसंचालक डॉ. माधुरी सावरकर ने जारी की है।