Nagpur: कामठी में कुदरत का ऐसा कहर पहले नहीं देखा! टिन शेड के साथ हवा में उड़ा मजदूर, ऊंचाई से गिरने पर दर्दनाक मौत
नागपुर: नागपुर जिले के कामठी तालुका के उमरी, भुगांव और आसपास के ग्रामीण इलाकों में बिजली की गड़गड़ाहट के साथ हुई मूसलाधार बारिश और भीषण तूफान ने भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा में एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां तेज आंधी में टिन की झोपड़ी के साथ उड़े एक 43 वर्षीय खेत मजदूर की ऊंचाई से गिरने के कारण मौत हो गई। इस चक्रवाती तूफान ने क्षेत्र के कई किसानों के मकानों, गोशालों (गोठों) के टिन शेड और फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है, जिसके बाद पीड़ित किसानों ने सरकार से तुरंत पंचनामा कर आर्थिक मुआवजे की मांग की है।
टिन समेत 25 फीट हवा में उड़ा मजदूर
वडोदा पुलिस स्टेशन से मिली जानकारी के अनुसार, वडोदा-भुगांव परिसर में अचानक मौसम बदलने से कड़कड़ाती धूप के बीच तेज आंधी और बारिश शुरू हो गई। इस दौरान उमरी में श्रावण देवराव मासुरकर के खेत में काम करने वाले मजदूर भोजराज श्रावण परतेकी (उम्र 43 वर्ष) खुद को बचाने के लिए खेत में बनी एक टिन की झोपड़ी में चले गए। अचानक हवा का वेग इतना बढ़ गया कि लोहे और टिन से बनी वह झोपड़ी उखड़ने लगी। भोजराज ने झोपड़ी को रोकने के इरादे से उसके लोहे के खंभे (बल्ली) को कसकर पकड़ लिया। आंधी इतनी भयानक थी कि पूरी झोपड़ी भोजराज समेत हवा में करीब 25 फीट ऊपर उड़ गई और कुछ दूरी पर जाकर जोरदार ढंग से गिर पड़ी।
इस हादसे में भोजराज गंभीर रूप से घायल हो गए। ग्रामीणों ने तुरंत उन्हें इलाज के लिए वडोदा के एक निजी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन हालत बेहद नाजुक होने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें नागपुर के मेडिकल अस्पताल (GMCH) रेफर कर दिया। वहां जांच के बाद डॉक्टरों ने भोजराज को मृत घोषित कर दिया। मृतक भोजराज अपने पीछे 30 वर्षीय पत्नी कोमल, 9 साल की बेटी तनवी और 5 साल की छोटी बेटी जूही को छोड़ गए हैं। इस घटना से पूरे उमरी गांव में मातम पसरा हुआ है। घटना की जानकारी मिलते ही वडोदा के थाना प्रभारी मनोज गदादे और कामठी के नायब तहसीलदार राजाराम बमनोटे ने मौके पर जाकर पंचनामा किया और रिपोर्ट तहसीलदार गणेश जगदाले को सौंप दी है।
पेड़ गिरने से बैल की मौत
तूफान का कहर यहीं नहीं रुका; भुगांव-वरंभा मार्ग पर एक विशाल आम का पेड़ अचानक उखड़कर सड़क पर गिर गया। इस पेड़ के नीचे से गुजर रही किसान कैलाश ईश्वर वंजारी की बैलों की जोड़ी इसकी चपेट में आ गई, जिससे एक बैल की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। पीड़ित किसान ने कुछ ही दिन पहले डेढ़ लाख रुपये में यह जोड़ी खरीदी थी, जिससे उन्हें करीब 70 हजार रुपये का सीधा नुकसान हुआ है। इसके अलावा, भुगांव के किसान विनोद भैय्याजी रहिसे के घर का पूरा टिन शेड हवा में उड़ गया।
भुगांव, झरप, उमरी और एकरडी गांवों में भी कई किसानों के खेतों में बने मवेशियों के कोठों (शेड) के टिन उड़ गए हैं और खेतों में लगी हरी सब्जियों की खड़ी फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। संकट में घिरे इन सभी ग्रामीण किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित इलाकों का तत्काल मुआयना कर पंचनामा पूरा किया जाए और पीड़ित परिवारों व किसानों को तत्काल सरकारी आर्थिक सहायता दी जाए।
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