logo_banner
Breaking
  • ⁕ नाना पटोले की भाजपा में होगी वापसी! विधायक परिणय फुके ने किया बड़ा दावा; चर्चाओं का बजार हुआ गर्म ⁕
  • ⁕ महाराष्ट्र में जल संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला, राज्य के सभी जलस्रोतों का पानी पीने के लिए किया आरक्षित ⁕
  • ⁕ संवैधनिक संस्थाओ के खिलाफ अविश्वास पैदा करना चाहता है विपक्ष, मुख्यमंत्री फडणवीस बोले- देश में वामपंथी शासन लाना चाहते हैं राहुल गांधी ⁕
  • ⁕ देऊळगांव राजा में दो गुटों में खूनी संघर्ष, नगरसेवक समेत दो की मौत; पुलिस स्टेशन के सामने हुआ बवाल ⁕
  • ⁕ मुख्यमंत्री फडणवीस और उपमुख्यमंत्री शिंदे में मतभेद! विजय वडेट्टीवार ने किया बड़ा दावा, मंत्री जायसवाल ने कांग्रेस नेता को दी सधी हुई सलाह ⁕
  • ⁕ त्योहारों पर नागपुर और न्यू अमरावती के यात्रियों को बड़ी राहत, मध्य रेलवे चलाएगा विशेष ट्रेनें ⁕
  • ⁕ Chandrapur: चंद्रपुर का राजा’ गणेश मंडल पर रामनगर पुलिस थाने में FIR ⁕
  • ⁕ Amravati: अमरावती में शिवसेना यूबीटी ने निकाला मार्च, कर्जमाफी सहित 1 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की मदद देने की मांग ⁕
  • ⁕ Yavatmal: वणी में भीषण सड़क हादसा, बाइक सवार 60 वर्षीय व्यक्ति की मौत ⁕
  • ⁕ Nagpur: ड्यूटी पूरी कर घर पहुंचे ASI रविंद्र कोकांडे की अचानक बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान मौत ⁕
Nagpur

संकरी कृषि सड़कें अब होंगी 12 फीट चौड़ी; किसानों की इस मांग पर 60 साल बाद महायुति ने लिया फैसला


नागपुर: राजस्व विभाग ने कृषि तटबंधों पर पारंपरिक संकरी कृषि सड़कों को 3 से 4 मीटर या लगभग 12 फीट चौड़ा करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय महाराष्ट्र में आधुनिक कृषि की ओर बढ़ते रुझान, बड़े कृषि उपकरणों के परिवहन और कृषि उपज को समय पर बाजार तक पहुंचाने के लिए महत्वपूर्ण होगा। इस संबंध में एक सरकारी आदेश जारी किया गया है।

राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि बदलते समय में वर्तमान पारंपरिक खेती के तरीके समस्याजनक होते जा रहे हैं। यह देखा गया है कि तटबंध पर कुछ स्थानों पर ट्रैक्टर, रोटावेटर और हार्वेस्टर जैसे बड़े कृषि उपकरण खेतों तक ले जाते समय किसानों के बीच विवाद हो रहे थे। इसके अलावा, कृषि उपज को बाजार तक ले जाने के दौरान संकरी सड़कों के कारण उत्पन्न होने वाली समस्याओं को ध्यान में रखते हुए, 12 फुट की कृषि सड़क बनाने का निर्णय लिया गया है।

बावनकुले ने बताया कि भविष्य में खरीद-फरोख्त के दौरान कृषि भूमि पर अतिक्रमण एवं अन्य कृषि विवादों से बचने के लिए इन कृषि भूमियों को भूमि रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा। इन कृषि परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करने के लिए आवेदन प्राप्ति की तिथि से 90 दिनों के भीतर मामले का समाधान करने के सरकारी आदेश जारी किए गए हैं।

चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा, “आधुनिक कृषि और आय वृद्धि के लिए इस निर्णय से किसानों को निश्चित रूप से लाभ मिलेगा। सबसे पहले, खेत रास्तों की जांच की जाएगी, तथा पड़ोसी भूस्वामियों के अधिभोग अधिकारों, उनकी समस्याओं और अपेक्षाओं पर विचार किया जाएगा। सड़क की चौड़ाई बढ़ाने के लिए मशीनीकरण के आधार पर निर्णय लिए जाएंगे। राजस्व अधिकारियों को अनावश्यक चौड़ीकरण न करने के निर्देश दिए गए हैं।”