logo_banner
Breaking
  • ⁕ मंथन फॉर युवा अभियान का हुआ समापन, CM फडणवीस बोले- युवाओं के सपनो को मिलेगी नई दिशा; एक साथ 4100 युवाओं ने किया ढोल-ताशा का वादन कर बनाया विश्व रिकॉर्ड ⁕
  • ⁕ मराठी सख्ती पर सियासत तेज, अखिलेश यादव ने आरोप पर मुख्यमंत्री फडणवीस का पलटवार; भाषा सिखने और समय देने की कही बात ⁕
  • ⁕ समृद्धी-शक्तिपीठ महामार्ग को लेकर विजय वडेट्टीवार के गंभीर आरोप, बोले- ‘जनता को समृद्धि मिलेगी या ठेकेदारों को?’ ⁕
  • ⁕ Yavatmal: वणी ग्रामीण अस्पताल में सर्पदंश के मरीज को पीठ पर ले जाने का वीडियो वायरल; बदइंतजामी के आरोपों पर अस्पताल प्रशासन ने पेश की असलियत ⁕
  • ⁕ "हम शिक्षक हैं, व्यापारी नहीं!" तुकाराम मुंढे के आदेश पर भड़के शिक्षक, मिड-डे मील के FSSAI लाइसेंस को लेकर छिड़ा नया विवाद ⁕
  • ⁕ छात्रों की गूंज पर सियासत तेज, मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया राहुल गांधी का ‘री-लॉन्च कार्यक्रम; छात्रों और इंफ्लुएंसर्स को पैसे देकर बुलाने का किया दावा ⁕
  • ⁕ Akola: महीने भर से बारिश की बेरुखी से सोयाबीन की फसल पर संकट, उत्पादन में 50% से अधिक गिरावट की आशंका ⁕
  • ⁕ Chandrapur: मुस्लिम युवती ने किया श्रीमद्भगवद्गीता का उर्दू अनुवाद, 3 महीने में पूरा किया अनोखा कार्य ⁕
  • ⁕ Nagpur: शराब को लेकर पति-पत्नी में हुआ विवाद, महिला की जान गई; पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ Nagpur: 8 साल की बच्ची से कोच ने की छेड़खानी, पुलिस ने आरोपी कोच को किया गिरफ्तार ⁕
Nagpur

नेताजी को सम्मान पसंद नहीं, कबाड़ में मिले पुरस्कार; बोले- गलती से हुआ ये


नागपुर: किसी को भी पुरस्कार लेना और देना बेहद महत्वपूर्ण होता है। वहीं वह पुरस्कार आप के काम पर दिया जाए तो वह बेहद ही महत्वपूर्ण होता है, लेकिन लगता है शहर के राजनेताओं को इसकी कोई कदर नहीं है। इसी का ही नतीजा है कि, जनता द्वारा दिया सम्मान कबाड़ की दूकान में मिला है। बुधवार को एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां पूर्व महापौर और पूर्व विधायक अनिल सोले को मिले पुरस्कार काछीपुरा स्थित एक कबाड़ की दूकान में मिले। 

बुधवार को काछीपूरा चौक पर एक कबाड़ी की दूकान पर बड़ी संख्या में पुरस्कार दिखाई दिए। इसमें कई बड़े सम्मान और प्रतिष्ठित संस्थाओं द्वारा दिए गए पुरस्कार शामिल थे। वहीं जब इन्हे देखा गया तो पता चला कि, यह सब सम्मान अनिल सोले के हैं। 

दुकानदार ने बताया कि मंगलवार को कोई कबाड़ी वाला उसे बेचकर गया है। कबाड़ी वाला बस्तियों में जाकर कबाड़-रद्दी खरीदने का काम करता है। इस दौरान किसी ने उसे इन सामानों को बेचा, जिसके बाद कबाड़ी ने काचीपुरा में लाकर बड़े कबाड़ी वाले को बेचा। दुकानदार के मुताबिक, कबाड़ में इसका ज्यादा मूल्य नहीं है, इसलिए औने-पौने दाम पर खरीदा गया। 

गलती से हुआ ये सब

वहीं जब इसको लेकर विधायक सोले से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि, "यह सब गलती से हुआ है। मकान के शिफ्टिंग का काम शुरू है। जिसके कारण कार्यालय का सामना अलग-अलग बोर में रख गया था। इस दौरान जो बेकार का समान था उसे बेचने का निर्णय लिया गया। इस दौरान किसी ने ग़लत बोरा कबाड़ी को बेंच दिया। जैसे ही  मुझे इसकी जानकारी मिली मैंने सम्मान पूर्वक सभी पुरस्कारों को वापस ला लिया है।