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Nagpur

सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट मामला पहुंचा हाईकोर्ट, अदालत ने राज्य परिवहन आयुक्त ने तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करने का दिया आदेश


नागपुर: देशभर में 2019 से पहले निर्मित सभी वाहनों के लिए हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट (एचएसआरपी) अनिवार्य कर दिया गया है। राज्य में नंबर प्लेट भी बदली जा रही हैं। हालाँकि, बॉम्बे उच्च न्यायालय की नागपुर पीठ में एक जनहित याचिका दायर की गई, जिसमें सवाल उठाया गया कि गुजरात और आंध्र प्रदेश जैसे अन्य पड़ोसी राज्यों की तुलना में महाराष्ट्र में दरें सबसे अधिक क्यों हैं। उच्च न्यायालय ने राज्य परिवहन आयुक्त को तीन सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया।

गुजरात में यह सस्ता कैसे है?
यह याचिका सुदर्शन बागड़े द्वारा दायर की गई है। न्यायमूर्ति नितिन साम्ब्रे और न्यायमूर्ति वृषाली जोशी की पीठ के समक्ष याचिका पर सुनवाई हुई। याचिका के अनुसार, देशभर समेत प्रदेश भर में एचएसआरपी प्लेट लगाई जा रही हैं। इसका आर्थिक बोझ वाहन चालकों पर पड़ रहा है। 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने एचएसआरपी पर फैसला देते हुए स्पष्ट किया था कि वाहनों में इस्तेमाल होने वाले ईंधन को वर्गीकृत करने के लिए अलग-अलग रंगों के होलोग्राम स्टिकर लगाए जाने चाहिए।

इसका उद्देश्य सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करना था। सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए नंबर प्लेट की दरों के बारे में कुछ नहीं कहा। इसलिए, देश के विभिन्न राज्यों में अलग-अलग दरें वसूली जा रही हैं। महाराष्ट्र में वाहनों की संख्या सबसे अधिक है, फिर भी यहां किराया सबसे अधिक है। नागरिक इससे पीड़ित हैं। इसलिए याचिकाकर्ता ने मांग की है कि जब तक राज्य में 'एचएसआरपी' प्लेटें सस्ती कीमतों पर उपलब्ध नहीं हो जातीं, तब तक इस पर रोक लगाई जानी चाहिए और सभी क्षेत्रों में दरें समान होनी चाहिए। याचिका पर अगली सुनवाई 25 अप्रैल को होगी।

यदि अन्य लोग ऐसा कर सकते हैं, तो हम क्यों नहीं?
महाराष्ट्र के पड़ोसी राज्यों जैसे गुजरात, आंध्र प्रदेश और गोवा में 'एचएसआरपी' प्लेटों की कीमतें कम हैं। हालाँकि, अदालत ने पाया कि महाराष्ट्र में ये संख्या सबसे अधिक है। अदालत ने मौखिक रूप से पूछा कि यदि अन्य राज्य यह सुविधा कम कीमत पर उपलब्ध करा सकते हैं तो महाराष्ट्र यह सुविधा क्यों नहीं उपलब्ध करा सकता, और परिवहन आयुक्त को अपना जवाब दर्ज करने का आदेश दिया।

महाराष्ट्र में HSRP लगाने की समयसीमा 31 मार्च, 2025 थी, जिसे अब फिर से बढ़ाकर 30 जून, 2025 कर दिया गया है। राज्य में 1 अप्रैल, 2019 से पहले खरीदे गए वाहनों पर ये नंबर प्लेट नहीं हैं। इसलिए परिवहन विभाग ने चेतावनी दी है कि उन्हें यह प्रक्रिया तय समय सीमा के भीतर पूरी करनी होगी, अन्यथा नियमानुसार जुर्माना लगाया जाएगा।