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Nagpur

विदर्भ में कुदरत का डबल अटैक: रिकॉर्डतोड़ गर्मी के बीच आंधी-बिजली का हाई अलर्ट, ब्रह्मपुरी 43.2 और वर्धा 43 डिग्री पर झुलसा


नागपुर: विदर्भ क्षेत्र में इस समय मौसम के दो बेहद विरोधाभासी और खतरनाक रूप एक साथ देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ जहां पूरा इलाका पिछले कई दिनों से सूरज की तपिश और भीषण लू (Heat Wave) की चपेट में आकर भट्टी की तरह तप रहा है, वहीं दूसरी तरफ मौसम विभाग ने अचानक तेज आंधी-तूफान, बादलों की गर्जना और आकाशीय बिजली गिरने (Thunderstorm with Lightning) का डबल अटैक होने की गंभीर चेतावनी जारी कर दी है। प्रादेशिक मौसम पूर्वानुमान केंद्र (IMD), नागपुर द्वारा जारी ताजा मौसम बुलेटिन के अनुसार, आगामी 23 जून 2026 तक विदर्भ के नागरिकों को इस जानलेवा गर्मी और मौसमी उथल-पुथल से कोई राहत मिलने के आसार नहीं हैं।

नौ जिलों में 'ऑरेंज अलर्ट': सूरज उगल रहा है आग

मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, विदर्भ के अधिकांश जिलों में पिछले 24 घंटों से पारा सामान्य के मुकाबले 4 से 6 डिग्री सेल्सियस ऊपर बना हुआ है, जिसने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। विभाग ने नागपुर, अकोला, अमरावती, चंद्रपुर, गढ़चिरौली, गोंदिया, वर्धा, वाशिम और यवतमाल जिलों के लिए लू का 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। इसके अतिरिक्त, बुलढाणा जिले में भी 22 जून को भीषण लू चलने की आशंका है। 

शनिवार को मौसम विभाग द्वारा जारी आकड़ो के अनुसार, 
43.2 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म शहर रहा। वहीं वर्धा और अकोला में क्रमशः 43 और 42 डिर्गी सेल्सियस तापमान रहा। उपराजधानी नागपुर का तापमान 42.4 डिग्री सेल्सियस रहा। जारी आकड़ो के अनुसार, 

    • अकोला (Akola) – 42.0°C
    • अमरावती (Amravati) – 41.6°C
    • भंडारा (Bhandara) – 41.8°C
    • बुलढाणा (Buldana) – 38.5°C
    • ब्रह्मपुरी (Bramhapuri) – 43.2°C (सबसे गर्म)
    • चंद्रपुर (Chandrapur) – 41.4°C
    • गढ़चिरौली (Gadchiroli) – 40.0°C
    • गोंदिया (Gondia) – 41.9°C
    • नागपुर (Nagpur) – 42.4°C
    • वर्धा (Wardha) – 43.0°C
    • वाशिम (Washim) – 39.2°C
    • यवतमाल (Yavatmal) – 41.2°C

    आंधी और बिजली गिरने का 'येलो अलर्ट'
    इस जानलेवा गर्मी के बीच विदर्भवासियों के लिए एक और बड़ी मुसीबत आंधी-तूफान के रूप में सामने आ रही है। मौसम केंद्र ने चेतावनी दी है कि लू के थपेड़ों के बीच ही अचानक मौसम करवट लेगा और क्षेत्र में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली विनाशकारी तेज हवाएं (Gusty Winds) चलेंगी। नागपुर, चंद्रपुर, गढ़चिरौली, गोंदिया, वर्धा और यवतमाल जैसे जिलों में धूलभरी आंधी के साथ-साथ आकाशीय बिजली गिरने की प्रबल आशंका है, जिसे लेकर 'येलो अलर्ट' प्रभावी कर दिया गया है।

    मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जब अत्यधिक गर्मी और हवा में नमी का मिलन होता है, तो ऐसे तीव्र स्थानीय सिस्टम बनते हैं, जो कम समय में भारी तबाही मचाने वाले आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली को जन्म देते हैं। ऐसे में खुले आसमान के नीचे रहने वाले लोगों और खेतों में काम करने वाले किसानों पर सबसे बड़ा खतरा मंडरा रहा है।

    23 जून के बाद मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल
    इस दोहरे संकट के बीच एकमात्र राहत की खबर दक्षिण-पश्चिम मानसून की प्रगति को लेकर आ रही है। मौसम विभाग के ताजा अनुमान के अनुसार, विदर्भ में भले ही अगले 5 दिनों तक अधिकतम तापमान में कोई खास गिरावट नहीं होगी, लेकिन मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह से अनुकूल बन चुकी हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि 23 जून 2026 के आसपास मानसून महाराष्ट्र के कुछ और हिस्सों सहित पड़ोसी राज्यों जैसे तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ में दस्तक दे सकता है। यदि मानसून अपनी सही गति से आगे बढ़ता है, तो जून के आखिरी हफ्ते में विदर्भ के लोगों को इस झुलसाने वाली गर्मी और लू के प्रकोप से हमेशा के लिए निजात मिल सकती है।