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Congress President Election: थारुर और खड़गे की किस्मत बॉक्स में बंद, 9500 मतदाताओं ने डाला वोट


नयी दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए सोमवार को मतदान संपन्न हो गया। पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और कई अन्य वरिष्ठ नेताओं ने वोट डाला। मतदान के बाद सोनिया गांधी ने कहा कि वह लंबे समय से इस दिन का इंतजार कर रही थीं। सोनिया गांधी, मनमोहन सिंह और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने यहां कांग्रेस मुख्यालय पहुंचकर मतदान किया।

राहुल गांधी ने कर्नाटक के बेल्लारी में ‘भारत जोड़ो यात्रा' से संबंधित कंटेनर वाले विश्राम शिविर में बने मतदान केंद्र पर वोट डाला। उनके साथ वहां उन लगभग 40 नेताओं ने भी मतदान किया, जो उनके साथ इस यात्रा में ‘भारत यात्री' हैं। मतदान से पहले सोनिया गांधी ने यहां संवाददाताओं के सवालों के जवाब में कहा, "मैं इस दिन का लंबे समय से इंतजार कर रही थी।"     

पार्टी मुख्यालय में वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने सबसे पहले मतदान किया। उनके बाद पार्टी महासचिव जयराम रमेश, अजय माकन, मुकुल वासनिक, वरिष्ठ नेता अम्बिका सोनी, विवेक तन्खा और कई अन्य लोगों ने मतदान किया। मतदान के बीच पार्टी के केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण के प्रमुख मधुसूदन मिस्त्री ने ‘पीटीआई-भाषा' से कहा कि चुनाव की पूरी प्रक्रिया स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी रही है तथा वह इससे संतुष्ट हैं।    

यह बेहद ऐतिहासिक फैसला

कांग्रेस मुख्यालय में मतदान के बाद जयराम रमेश ने संवाददाताओं से कहा, “यह ऐतिहासिक मौका है। हमारे यहां स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से चुनाव हुआ है।” उन्होंने कहा, "कांग्रेस एकमात्र राजनीतिक दल है, जहां अध्यक्ष पद के लिए चुनाव होता है। हमारे यहां टी एन शेषन की तरह केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण के प्रमुख मधुसूदन मिस्त्री हैं। किसी दूसरी पार्टी में चुनाव नहीं होता।" मतदान वाले दिन कांग्रेस अध्यक्ष पद के दोनों उम्मीदवारों ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं।     

थरूर ने ट्वीट किया, ‘‘मल्लिकार्जुन खरगे से आज सुबह बात की और उन्हें शुभकामनाएं दीं तथा उनके प्रति सम्मान और कांग्रेस की सफलता के प्रति दोनों के साझा समर्पण को व्यक्त किया।''     

खरगे ने ट्वीट कर कहा, ‘‘शशि थरूर जी को मेरी शुभकामनाएं। आज उनसे बात की। हम दोनों कांग्रेस की मजबूती के लिए लड़ रहे हैं, ताकि भविष्य की पीढ़ियों के लिए पहले से मजबूत और बेहतर राष्ट्र का निर्माण किया जा सके।''     

छठी बार अध्यक्ष पद के लिए चुनाव

कांग्रेस के नौ हजार से अधिक डेलीगेट (निर्वाचक मंडल के सदस्य) सोमवार को पार्टी प्रमुख चुनने के लिए मतदान करने के पात्र थे। कांग्रेस मुख्यालय समेत लगभग 68 मतदान बूथों पर मतदान हुआ। कांग्रेस पार्टी के 137 साल के इतिहास में छठी बार अध्यक्ष पद के लिए चुनाव हुआ है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश के मुताबिक, अध्यक्ष पद के लिए अब तक 1939, 1950, 1977, 1997 और 2000 में चुनाव हुए हैं। पूरे 22 वर्षों के बाद अध्यक्ष पद के लिए चुनाव हो रहा है।चुनाव के परिणाम की घोषणा 19 अक्टूबर को की जाएगी।    

थरूर ने निर्वाचकों से ‘‘बदलाव अपनाने'' का साहस दिखाने का आह्वान करते हुए रविवार को कहा था कि वह जिन बदलावों के बारे में सोच रहे हैं, उनमें पार्टी के ‘‘मूल्यों'' में कोई बदलाव नहीं होगा और केवल लक्ष्य पाने के तरीकों में परिवर्तन आएगा। वहीं, खरगे ने रविवार को कहा था कि अगर वह अध्यक्ष बनते हैं तो उन्हें पार्टी के मामलों में गांधी परिवार की सलाह और सहयोग लेने में कोई झिझक नहीं होगी, क्योंकि उस परिवार ने काफी संघर्ष किया है और पार्टी के विकास में बड़ा योगदान दिया है।