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नामीबिया से लाई मादा चिता शाशा की मौत, वन विभाग ने कहा-दोनों किडनी हो गई थी ख़राब


भोपाल: नामीबिया से लाये गए चीतों में से एक मादा चीता शाशा की मौत हो गई है। दोनों किडनिया ख़राब होने के कारण मादा चीता की मौत हुई है। इस बात की जानकारी कूनो नेशनल पार्क के सोमवार को प्रेसनोट जारी कर दी। 

ज्ञात हो कि, देश में चीतों को पुनः बसाने के उद्देश्य से भारत सरकार ने अफ़्रीकी देश नामबिया से आठ चीते लाए थे। जिनमें पांच नर और तीन मादा चीता थी। सितंबर महीने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने जन्मदिन के मौके पर सभी को मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में छोड़ा गया। करीब एक महीने की क्वारंटाइन के बाद इन्हे जंगल में छोड़ा गया।

वन विभाग द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, 22 जनवरी 2023 को चीतों की मॉनिटरिंग टीम को शाशा सुस्त दिखाई दी। इसके बाद टीम ने उसे क्वारंटाइन सेंटर लाया गया। इसके बाद जब उसकी जांच की गई तो पता चला की शाशा की दोनों किडनी ख़राब हो गई है। यह जानकारी सामने आते ही तुरंत नामीबिया सरकार से संपर्क किया गया, जहां पता चला की भारत आने से पहले अगस्त महीने में जब शाशा के खून की जांच की गई थी तो उसमें क्रेटीन लेवल 400 पाया गया था। भारत आने से पहले ही शाशा की किडनी ख़राब हो गई थी। 

तीन महीने तक चला इलाज 

कूनो नेशनल पार्क के स्वास्थ्य कर्मियों ने नामीबिया के विशेषज्ञ डॉ. इलाई वॉकर के साथ मिलकर दो महीने तक लगातार शाशा का इलाज किया, लेकिन इसके बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका और सोमवार को उसकी मौत हो गई।