लालू यादव में बेटे तेजस्वी यादव को बनाया पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष, बहन रोहिणी बोली- कठपुतली बने शहजादा
पटना: लालू प्रसाद यादव ने राष्ट्रीय जनता दल की बागडोर आधिकारिक तौर पर तेजस्वी यादव को सौंप दी है। रविवार को पटना के होटल मौर्य में आरजेडी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक हुई। जिसमें तेजस्वी को पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव पेश किया गया। जिसे सर्वसम्मति से नेताओं ने अपनी सहमति दी। हालांकि, तेजस्वी को पार्टी की कमान मिलने पर बहन रोहिणी आचार्य ने अपने भाई पर तंज कसा और कहा कि, हाथों की "कठपुतली बने शहजादा" की ताजपोशी मुबारक हो।"
साजिशकर्ताओं के हाथों में पार्टी की कमान
तेजस्वी यादव के कार्यकारी अध्यक्ष बनने पर रोहिणी यादव ने हमला बोला है। यादव ने कहा, "जो सही मायनों में लालूवादी होगा, जिस किसी ने भी लालू जी के द्वारा, हाशिए पर खड़ी आबादी - वंचितों के हितों के लिए मजबूती से लड़ने वाली, खड़ी की गयी पार्टी के लिए निःस्वार्थ भाव से संघर्ष किया होगा, जिस किसी को भी लालू जी के द्वारा सामाजिक - आर्थिक न्याय के लिए किए गए सतत संघर्ष एवं प्रयासों का गौरवबोध होगा, जिसे लालू जी की राजनीतिक विरासत व् विचारधारा को गर्व के साथ आगे ले जाने की परवाह होगी, वो अवश्य ही पार्टी की मौजूदा बदहाली के लिए जिम्मेवार लोगों से सवाल करेगा एवं ऐसे लोगों की संदिग्ध - संदेहास्पद भूमिका के खिलाफ अंजाम की परवाह किए बिना अपनी आवाज उठाएगा।"
आचार्य ने आगे कहा, "वर्त्तमान की कड़वी , चिंताजनक एवं दुःखद सच्चाई यही है कि " आज जनता के हक़ - हकूक की लड़ाई लड़ने के लिए जानी जाने वाली, जन - जन की पार्टी की असली कमान फासीवादी विरोधियों के द्वारा भेजे गए वैसे घुसपैठियों - साजिशकर्ताओं के हाथों में है , जिन्हें लालूवाद को तहस - नहस करने के टास्क के साथ भेजा गया है , कब्ज़ा जमाए बैठे ऐसे लोग अपने गंदे मकसद में काफी हद तक सफल होते भी दिखते हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "नेतृत्व की जिम्मेदारी संभाल रहे को सवालों से भागने , सवालों से बचने , जवाब देने से मुँह चुराने, तार्किक - तथ्यात्मक जवाब देने की बजाए भ्रम फ़ैलाने, लालूवाद व् पार्टी की हित की बात करने वालों के साथ दुर्व्यवहार , अभद्र आचरण , अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने की बजाए अपने गिरेबान में झांकना होगा और अगर "वो" चुप्पी साधता है, तो उस पर साजिश करने वाले गिरोह के साथ मिलीभगत का दोष व् आरोप स्वतः ही साबित होता है।"
आचार्य ने अपने अगले ट्वीट में लिखा, "सियासत के शिखर - पुरुष की गौरवशाली पारी का एक तरह से पटाक्षेप , ठकुरसुहाती करने वालों और " गिरोह - ए - घुसपैठ " को उनके हाथों की "कठपुतली बने शहजादा" की ताजपोशी मुबारक।"
आचार्य ने अपने अगले ट्वीट में लिखा, "सियासत के शिखर - पुरुष की गौरवशाली पारी का एक तरह से पटाक्षेप , ठकुरसुहाती करने वालों और " गिरोह - ए - घुसपैठ " को उनके हाथों की "कठपुतली बने शहजादा" की ताजपोशी मुबारक।"
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