logo_banner
Breaking
  • ⁕ नागपुर में शराबी चालक का कहर, दोपहिया को मारी टक्कर; दो घायल, RPTS चौक की घटना ⁕
  • ⁕ Amravati: लाइनमैन की लापरवाही से आदिवासी युवक की मौत, ग्रामीणों ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग ⁕
  • ⁕ Amravati: क्राइम ब्रांच टीम की जुएं आड़े पर कार्रवाई, 9 आरोपियों को किया गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ चिकन खाने के दौरान हुआ विवाद, चचेरे भाई ने 12 वर्षीय भाई की हत्या; अमरावती जिले के भातकुली की घटना ⁕
  • ⁕ Chandrapur: सांसद धानोरकर के स्नेहमिलन से वडेट्टीवार गुट की दूरी, चंद्रपुर कांग्रेस में विवाद बरकरार ⁕
  • ⁕ AIIMS नागपुर में रिक्त पदों को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट सख्त, नियुक्य किया अदालत मित्र; दो हफ्तों में सुधारात्मक सुझावों की सूची देने का दिया निर्देश ⁕
  • ⁕ Nagpur Airport Expansion: AID ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, क्षेत्रीय विकास के लिए एयर कनेक्टिविटी को बताया जरूरी; मांग पूरी न होने पर जनआंदोलन की चेतावनी ⁕
  • ⁕ Akola: खुदको आईबी अधिकारी बताकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में घुसपैठ करने वाले आरोपी को तीन दिन की पुलिस हिरासत ⁕
  • ⁕ Yavatmal: मुलावा फाटा-सावरगाव रोड पर रोंगटे खड़े करने वाला हादसा, युवक का सिर 12 किमी तक टैंकर में रहा फंसा ⁕
  • ⁕ Amravati: वलगाव में खेत में किसान के साथ अज्ञात लोगों ने की मारपीट, डॉक्टरों की लापरवाही से किसान की मौत होने का आरोप ⁕
National

राहुल गांधी को उनका कदम ही पड़ा भारी, आयोग ने रद्द की लोकसभा सदस्य्ता


नई दिल्ली: कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को बड़ा झटका लगा है। सूरत अदालत द्वारा दो साल की सजा सुनाए जाने के बाद शुक्रवार को उनकी लोकसभा सदस्य्ता रद्द कर दी है। इस बात की जानकारी लोकसभा सचिवालय ने दी। सदस्य्ता रद्द के साथ साथ अब राहुल छह साल तक कोई भी चुनाव नहीं लड़ सकते हैं। कांग्रेस नेता केरल के वायनाड लोकसभा सीट (Vaynaad Loksabha Seat) से सांसद थे।

उनका ही कदम पड़ा उन पर भारी

ज्ञात हो कि, 10 साल पहले मनमोहन सिंह सरकार ने दावी दागी सांसदों को बचने के लिए एक अध्यादेश लाया है। जिसके अनुसार, अगर कोई भी जनप्रतिनिधि अदालत से दोषी साबित होती और उसे सजा मिलती है तो भी उसकी सदस्यता नहीं जाएगी और वह सदन का सदस्य बना रहेगी। अपनी ही सरकार के इस निर्णय का राहुल गांधी ने विरोध किया था और बीच प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस अध्यादेश को फाड़ दिया था। 

अभी भी बच सकती है सदस्य्ता 

भले ही आयोग ने उनकी लोकसभा सदस्य्ता रद्द कर दी हो, लेकिन अभी भी उनके पास कई रास्ते बचे हुए हैं। जिससे वह अपनी सदस्य्ता को बचा सकते हैं। राहुल सूरत अदालत के निर्णय के खिलाफ उच्च न्यायालय जा सकते हैं और इस दौरान अदालत ने निर्णय पर रोक लगा दी तो राहुल की लोकसभा सदस्य्ता बच जाएगी और वह संसद की कार्रवाई  की कार्रवाई में शामिल हो सकते हैं।