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एक्सीडेंट में घायल होने वालों को इमरजेंसी ट्रीटमेंट के लिए तुरंत मिलेंगे पैसे, नितिन गडकरी बोले - जल्द शुरू होगी ‘कैशलेस इलाज योजना’


नई दिल्ली: केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार सांसदों के प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कि भारत में सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि हुई है। उन्होंने इस बात को स्वीकार किया कि पदभार ग्रहण करते समय उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं में 50% की कमी लाने की बात कही थी, इसके बावजूद सड़क दुर्घटनाओं की दर में वृद्धि हुई है।

सड़क सुरक्षा पर चर्चा के दौरान लोकसभा को संबोधित करते हुए गडकरी ने कहा, “दुर्घटनाओं की संख्या में कमी की बात तो भूल ही जाइए, मुझे यह स्वीकार करने में कोई झिझक नहीं है कि इसमें वृद्धि हुई है। जब मैं सड़क सुरक्षा पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों में भाग लेता हूं, तो मैं अपना चेहरा छिपाने की कोशिश करता हूं।”

गडकरी ने व्यवहार में सामाजिक बदलाव, कानून के शासन के प्रति अधिक सम्मान और सड़क सुरक्षा मानदंडों का सख्ती से पालन करने की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया। एक निजी अनुभव को याद करते हुए, गडकरी ने बताया कि कैसे वह और उनका परिवार कई साल पहले एक बड़ी दुर्घटना में बच गए थे, जिसके कारण उन्हें लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा था।

इतने लोगों की हुई मौतें 

गडकरी ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में हर साल 1.78 लाख लोगों की जान जाती है, जिनमें से 60% पीड़ित 18-34 वर्ष की आयु के होते हैं। उत्तर प्रदेश में सबसे ज़्यादा 23,000 से ज़्यादा मौतें हुईं, जो सभी सड़क दुर्घटनाओं में हुई मौतों का 13.7% है, इसके बाद तमिलनाडु (18,000), महाराष्ट्र (15,000) और मध्य प्रदेश (13,000) का स्थान है। शहरों में, दिल्ली 1,400 से ज़्यादा मौतों के साथ सूची में सबसे ऊपर है, उसके बाद बेंगलुरु (915) और जयपुर (850) का स्थान है। 

कैशलेस इलाज योजना

इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री ने आज लोकसभा में कहा कि दुर्घटना पीड़ितों के लिए कैशलेस इलाज योजना जल्द ही पूरे देश में शुरू की जाएगी। गडकरी ने कहा कि निति आयोग और एम्स की रिपोर्ट के अनुसार एक्सीडेंट में घायल होने वाले 30 प्रतिशत लोगों को इमरजेंसी के समय इलाज में देरी के कारण मौत होती है। इसके चलते कैशलेस इलाज योजना कई राज्यों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू है। गडकरी ने बताया कि अभी तक जहां भी ऐसी घटना हुई है कि तो कैशलेस इलाज योजना के तहत 2100 लोगों की जान बची है और सरकार को अभी तक अधिकतर एक लाख 25 रुपये ही देने पड़े हैं। मंत्री ने कहा कि अगले तीन में इस योजना की पूरे देश में शुरुआत करेंगे। उन्होंने कहा कि पीड़ितों को कैशलेस योजन के माध्यम से तुरंत पैसे दिए जाएंगे, जिससे अनेक लोगों की जान बचाने में सहायता मिलेगी। इस योजना से सड़क दुर्घटना में घायल लोग 1.5 लाख रुपये तक का इलाज कैशलेस तरीके से करा सकेंगे।