logo_banner
Breaking
  • ⁕ वर्धमान नगर- डिप्टी सिग्नल "बहरीन बाई सोनबोइर" फ्लाईओवर जनता को समर्पित, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने किया उद्घाटन ⁕
  • ⁕ Gondia: सखी वन स्टॉप सेंटर की तत्परता: बिहार और भुसावल की दो लापता महिलाएं सकुशल पहुंचीं घर ⁕
  • ⁕ Chandrapur: ड्रग्स मुक्त बनाने की ओर बड़ा कदम: पुलिस ने नष्ट किया 66 लाख रुपये का मादक पदार्थ ⁕
  • ⁕ Nagpur: कोथुलना के पास लहसुन से भरा ट्रक पलटा, दो गंभीर रूप से घायल; स्पीड ब्रेकर बनाने की मांग ⁕
  • ⁕ Nagpur: आर्थिक अनियमितता के मामले में बड़ी कार्रवाई: अरोली की सरपंच रोशनी भुरे अपात्र घोषित, अपर आयुक्त का फैसला ⁕
  • ⁕ Bhandara: तुमसर में सफाई कर्मचारियों ने मुख्याधिकारी की गाड़ी घेरी, आमरण अनशन शुरू ⁕
  • ⁕ रिश्ते शर्मसार: मां दूध लेने गई बाहर, कलयुगी पिता ने अकेली नाबालिग बेटी से की अश्लील हरकत; विरोध करने पर पीटा, गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ विदर्भ सहित राज्य के 247 नगर परिषदों और 147 नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद का आरक्षण घोषित, देखें किस सीट पर किस वर्ग का होगा अध्यक्ष ⁕
  • ⁕ अमरावती में युवा कांग्रेस का ‘आई लव आंबेडकर’ अभियान, भूषण गवई पर हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन ⁕
  • ⁕ Gondia: कुंभारटोली निवासियों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर नगर परिषद पर बोला हमला, ‘एक नारी सबसे भारी’ के नारों से गूंज उठा आमगांव शहर ⁕
National

Aditya-L1 Mission: भारत का सौर मिशन आदित्य-एल1 आज श्रीहरिकोटा में होगा शुरू


नई दिल्ली: इसरो के अध्यक्ष एस सोमनाथ ने कहा है कि अंतरिक्ष एजेंसी देश के महत्वाकांक्षी सौर मिशन आदित्य-एल1 के कल के प्रक्षेपण के लिए तैयार हो रही है और इसके प्रक्षेपण की उल्टी गिनती आज यानी 1 सितंबर से शुरू होगी।

सूर्य का अध्ययन करने वाली पहली अंतरिक्ष-आधारित भारतीय वेधशाला का प्रक्षेपण आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा के अंतरिक्ष स्टेशन में 11.50 बजे निर्धारित है। इसके तहत उपग्रह को सूर्य-पृथ्वी प्रणाली के लैग्रेंज बिंदु L1 के चारों ओर एक प्रभामंडल कक्षा में स्थापित किया जाएगा, जो पृथ्वी से लगभग 1.5 मिलियन किलोमीटर दूर है।

लैग्रेंज बिंदु तक पहुंचने में लगभग चार महीने लगेंगे। एल1 बिंदु के चारों ओर प्रभामंडल कक्षा का लाभ यह है कि उपग्रह ग्रहण जैसी अन्य खगोलीय गतिविधियों से किसी भी बाधा के बिना सौर गतिविधियों का निरीक्षण कर सकता है।

आदित्य एल1 मिशन का उद्देश्य सौर हवाओं और सूर्य के वातावरण का अध्ययन करना है। यह प्रकाशमंडल, क्रोमोस्फीयर और सूर्य की सबसे बाहरी परतों अर्थात् कोरोना का निरीक्षण करने के लिए सात पेलोड ले जाएगा।

इससे कोरोनल हीटिंग, कोरोनल मास इजेक्शन, प्री-फ्लेयर और फ्लेयर गतिविधियों, मौसम की गतिशीलता, अंतरग्रहीय माध्यम में कणों और क्षेत्रों के प्रसार के अध्ययन की समस्याओं को समझने में मदद मिलेगी।