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संजय राउत के बयान का वडेट्टीवार ने किया समर्थन, कहा- नाना नहीं देते इस्तीफा तो होती एमवीए सरकार


नई दिल्ली: बालासाहेब थोरात के इस्तीफे के बाद से कांग्रेस पार्टी में भूचाल आया है। पार्टी के  तमाम नेता थोरात के समर्थन में खड़े हो गए हैं। साथ ही बिना नाम लिए प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले के विरोध में आवाज उठाने लगे हैं। इसी बीच संजय राऊत ने पटोले पर बड़ा आरोप लगता हुए कहा कि, नाना अगर विधानसभा अध्यक्ष पद से इस्तीफा नहीं देते तो राज्य में अभी भी महाविकास अघाड़ी सरकार होती। राउत के इस आरोप पर कांग्रेस विधायक विजय वड्डेटीवर ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। जिसमें उन्होंने शिवसेना नेता के बयान का समर्थन किया है।

वडेट्टीवार ने कहा, "नाना पटोले जैसे मजबूत व्यक्ति विधान सभा के अध्यक्ष थे। उन्होंने हॉल को बहुत अच्छे से चलाया। हॉल पर उनका नियंत्रण था। वे एक विद्वान अध्यक्ष थे। इस्तीफे से मुश्किल हुई और सरकार चली गई। कई लोगों को तब लगा कि उन्हें इस्तीफा नहीं देना चाहिए था।" उन्होंने आगे कहा कि, "अगर उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया होता तो सरकार बच जाती।"

सिर्फ हाईकमान के पास अधिकार है

सत्यजीत तांबे प्रकरण के बाद राज्य में प्रदेश अध्यक्ष बदलने की चर्चा शुरू हो गई है। वहीं इसको लेकर पूछे सवाल पर विजय वड्डेटीवार ने कहा, "प्रदेश अध्यक्ष बदलने का अधिकार आलाकमान के पास है। उन्होंने सतर्क प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि वे जानकारी लेने के बाद ही निर्णय लेते हैं।" थोरात के इस्तीफे को स्वीकार करने के सवाल पर कांग्रेस नेता ने कहा, "इस्तीफा स्वीकार करना है या नहीं। लेकिन जो घटनाएं प्रदेश में हुईं, वह नहीं होनी चाहिए।" उन्होंने कहा कि जब प्रदेश में कांग्रेस का माहौल है तो ये तस्वीरें उचित नहीं हैं।