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Wardha: वड्डोना-पिंपलखुटा उपसा सिंचाई योजना के काम में तेजी लाई जाए: मुख्यमंत्री फडणवीस


वर्धा: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में आज मुंबई के सह्याद्रि अतिथिगृह में आर्वी विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों और कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा बैठक हुई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री फडणवीस ने संबंधित अधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि वड्डोना-पिंपलखुटा उपसा सिंचाई परियोजना के कारण आर्वी और कारंजा तालुका के 31 गांवों का 7106 हेक्टेयर क्षेत्र सिंचाई के अंतर्गत आएगा। चूंकि इस योजना से किसानों को काफी लाभ होगा, इसलिए इस योजना के काम में तेजी लाई जाए। इस योजना का प्रस्ताव 15 जुलाई तक राज्य तकनीकी सलाहकार समिति और उसके बाद सुप्रमा (संशोधित प्रशासकीय स्वीकृति) अनुमोदन के लिए मंत्रिमंडल की बैठक में प्रस्तुत किया जाए।

कारंजा औद्योगिक क्षेत्र के लिए पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए तकनीकी निरीक्षण किया जाए। सिंचाई क्षेत्र की पुनः स्थापना का खर्च महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडल (एमआईडीसी) द्वारा वहन किया जाना चाहिए तथा जल आरक्षण प्रस्ताव सरकार को भेजा जाना चाहिए। करंजा अतिरिक्त औद्योगिक क्षेत्र के लिए आवश्यक जल उपलब्धता के अनुसार जल संसाधन विभाग को विभिन्न विकल्पों का अध्ययन कर विस्तृत योजना तैयार करनी चाहिए।

इसके अनुसार जल उपयोग तथा उत्पादन की दक्षता का अध्ययन किया जाना चाहिए। साथ ही वैनगंगा-नलगंगा नदी जोड़ परियोजना से पानी को कर परियोजना में मोड़ने की संभावना की जांच की जानी चाहिए, ऐसा आदेश मुख्यमंत्री फडणवीस ने दिया।

आर्वी उपसा सिंचाई योजना वर्तमान में प्रगति पर है और आगामी रबी मौसम में 2288 हेक्टेयर क्षेत्र को सीधे सिंचित करने का लक्ष्य है। शेष क्षेत्र के लिए काम चल रहा है और जून 2026 तक पूरा करने की योजना है। उर्ध्व वर्धा परियोजना के तहत आष्टी उपसा सिंचाई योजना के लिए संशोधित प्रशासकीय स्वीकृति (सुप्राम) प्रस्ताव 10 दिनों के भीतर नियामक बोर्ड को प्रस्तुत किया जाना चाहिए। साथ ही, भूमि अधिग्रहण और निविदा प्रक्रिया तुरंत शुरू की जानी चाहिए।

मुख्यमंत्री फडणवीस ने निर्देश दिया कि आर्वी उपसा सिंचाई योजना में फसल पैटर्न का एक अध्ययन किया जाना चाहिए और बेहतर फसल पैटर्न को लागू करने के लिए कृषि विभाग के साथ समन्वय में एक अध्ययन किया जाना चाहिए।