"राजनीति का बाज़ार! विधान परिषद का स्तर वेश्या को भी लज्जित करने वाला"; विजय वडेट्टीवार का भाजपा सहित अपनी ही पार्टी के नेताओं पर बड़ा हमला!
नागपुर: "देश में इस समय राजनीति का पूरी तरह से बाज़ार बन चुका है। सड़क पर बैठकर जो चाहे वो खरीदा जा सकता है, इस बात का भरोसा अब भाजपा को हो गया है। यही कारण है कि प्रचंड भ्रष्टाचार करके उन्होंने अकूत पैसा जमा किया है और घोटालों के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। विधान परिषद की राजनीति तो वेश्या को भी लज्जित कर दे, इतने निचले स्तर पर गिर चुकी है।" इन अत्यंत तीखे और सनसनीखेज शब्दों में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष विजय वडेट्टीवार ने सत्ताधारियों और वर्तमान राजनीतिक व्यवस्था पर सीधा हमला बोला है।विधान परिषद चुनाव की पृष्ठभूमि में बोलते हुए वडेट्टीवार ने अपनी पार्टी सहित विरोधी दलों के पार्षदों (नगरसेवकों) पर भी बेहद गंभीर आरोप लगाए।
'70 फीसदी वोटर बिक जाते हैं!'
विजय वडेट्टीवार ने आगे कहा, "हमारे द्वारा खड़े किए गए उम्मीदवार बिक गए। कई बार चुनाव निर्विरोध होते हैं, लेकिन अब वो स्थिति नहीं रही। पार्षद जब चुनकर आता है, तो वो किसी का नहीं होता। विधान परिषद में जो पैसे देगा, उसे 70 प्रतिशत वोटर बिक जाते हैं, सिर्फ 30 प्रतिशत वोटर ही अच्छे होते हैं। हर पार्टी के पार्षद अपने ही उम्मीदवारों से पैसे मांग रहे हैं। भाजपा के पार्षदों ने भी पैसे मांगे हैं, अब वो इतने पैसे लाएंगे कहां से? यह अब एक धंधा बन चुका है।" उन्होंने मांग की कि उम्मीदवारों की इस खरीद-फरोख्त को रोकने के लिए पैसे लेने वाले और देने वाले, दोनों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने दुख जताया कि इस भारी-भरकम पैसे के खेल के कारण अब कोई भी ईमानदार उम्मीदवार चुनाव लड़ने को तैयार नहीं है।
'कॉकरोच जनता पार्टी' के आंदोलन से आएगा बदलाव!
सत्ता पक्ष पर निशाना साधते हुए वडेट्टीवार ने एक आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा, "कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन से देश में बदलाव की शुरुआत हो चुकी है। देश का युवा अब एकजुट हो गया है और यह युवा शक्ति अब शांत नहीं बैठेगी। रोजगार के लिए भटकता हुआ युवा इस देश को बर्बाद होते नहीं देख सकता। अब राज्य में परिवर्तन निश्चित है और इस सरकार को सत्ता से जाना ही होगा।"
"महाराष्ट्र सरकार ओबीसी के पक्ष में नहीं"
ओबीसी आरक्षण और सुविधाओं के मुद्दे पर वडेट्टीवार ने राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, "महाराष्ट्र सरकार की भूमिका कभी भी ओबीसी समाज के पक्ष में नहीं रही है। यह सरकार केवल वोट लेने के लिए ओबीसी को अपने पास बुलाती है। अगर सभी को ओबीसी की सुविधाएं दे दी गईं, तो मूल ओबीसी समाज इस प्रतियोगिता में कैसे टिक पाएगा?" उन्होंने आगे कहा, "ओबीसी में बेहद गरीब तबका आता है। हमारा यह कहना नहीं है कि दूसरों को कुछ न दिया जाए, लेकिन हमारे हिस्से का अधिकार हमें मिलना चाहिए। जनसंख्या के आधार पर ओबीसी को फंड दिया जाना चाहिए और स्कॉलरशिप में 100% की छूट मिलनी चाहिए।"
जीडीपी के आंकड़ों पर उठाए सवाल
देश की आर्थिक स्थिति पर बात करते हुए वडेट्टीवार ने सरकारी आंकड़ों को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा, "देश का जीडीपी 7.7 प्रतिशत दिखाया जा रहा है, जो निर्लज्जता की पराकाष्ठा है। देश के आम नागरिकों को रोज अनगिनत समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में यह कहना कि हमारी प्रगति हो रही है, पूरी तरह गलत है। वर्तमान सत्ताधारी हिटलर की सोच वाले हैं। अगर कोई सच के लिए लड़ रहा है, तो सरकार उसे दबाने का काम कर रही है। सरकार के खिलाफ बोलने वाले 17 साल के बच्चों तक को ये छोड़ते नहीं हैं, तो बड़े नेताओं को डर लगना स्वाभाविक है।"
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