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Buldhana

Buldhana: “महापौर को अधिकार और नगरसेवकों को दो इंसाफ़!”, सदन में विधायक संजय गायकवाड़ ने उठाई आवाज


मुंबई: बुलढाणा विधानसभा क्षेत्र के विधायक संजय गायकवाड़ ने बुधवार को विधानसभा के मॉनसून सत्र में जोरदार मांग की कि स्थानीय निकायों को सशक्त बनाने के लिए नगराध्यक्षों को केवल नाममात्र का पद न माना जाए, बल्कि उन्हें आर्थिक और प्रशासकीय अधिकार दिए जाएं। साथ ही उन्होंने कहा कि 1995 से नगरसेवकों के मानदेय में कोई वृद्धि नहीं हुई है, इसलिए उनके मानदेय में भी तुरंत वृद्धि की जानी चाहिए।

सदन में बोलते हुए विधायक संजय गायकवाड़ ने कहा कि महाराष्ट्र में नगराध्यक्षों का चुनाव भले ही सीधे जनता द्वारा होता है, पर वर्तमान कानून के कारण उन्हें मुख्य अधिकारियों के अधीन रहकर काम करना पड़ता है। समय के साथ नगराध्यक्षों के आर्थिक अधिकार भी छीन लिए जाने से कई जगह नगराध्यक्ष निराश हो गए हैं और स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं में चुने गए प्रतिनिधियों की बजाय प्रशासन का प्रभुत्व बढ़ गया है। नगर पालिकाओं में मुख्य अधिकारी मनमानी तरीकों से कार्य कर रहे हैं, ऐसी शिकायतें बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि इससे विकास कार्यों में देरी, निधि खर्च में अनियमितता और अधिकारों के दुरुपयोग की घटनाएँ बढ़ी हैं।

उन्होंने कहा, “जनता ने जिस नगराध्यक्ष को चुना है, उस पर विकास कार्य करवाने की जिम्मेदारी होती है; आर्थिक अधिकार न होने के कारण वे प्रभावी ढंग से काम नहीं कर पा रहे हैं। स्थानीय निकायों को अधिक सशक्त और जनोन्मुखी बनाने के लिए नगराध्यक्षों और नगरसेवकों को प्रभावी अधिकार देकर उनका सम्मान बनाए रखने की आवश्यकता है, और उन्होंने सरकार से इस मामले में सकारात्मक निर्णय लेने की अपेक्षा भी व्यक्त की।