लाल किले से पीएम मोदी का लगातार 13वां ध्वजारोहण, देशवासियों को करीब 76 मिनट तक किया संबोधित; AI, मुफ्त डिजिटल कोचिंग और स्पोर्ट्स टैलेंट हंट समेत कई बड़े ऐलान
नई दिल्ली: भारत (Bharat) ने 15 अगस्त 2026 को आजादी की 80वीं वर्षगांठ पूरे देश में उत्साह और गौरव के साथ मनाई। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने लाल किले की प्राचीर से लगातार 13वीं बार राष्ट्रीय ध्वज फहराया और देशवासियों को करीब 76 मिनट तक संबोधित किया। अपने स्वतंत्रता दिवस संबोधन में प्रधानमंत्री ने सरकार की उपलब्धियां गिनाने के साथ विकसित भारत (Develop Bharat) के लक्ष्य को लेकर कई बड़े ऐलान किए। उनके भाषण में युवाओं, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), शिक्षा, खेल, स्टार्टअप, बायो-इकोनॉमी, उद्योग और देश की अर्थव्यवस्था पर खास जोर रहा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि देश की दिशा तय हो चुकी है और अब लक्ष्य को हासिल करके रहना है। इसके लिए केवल नीतियों में बदलाव ही नहीं, बल्कि वर्क कल्चर और सोच में भी बदलाव जरूरी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि जो काम पिछले 5-7 दशकों में नहीं हो सके, उन्हें आने वाले 5-7 वर्षों में पूरा करने का प्रयास किया जाना चाहिए।
1 करोड़ युवाओं को AI की ट्रेनिंग
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से देश के युवाओं के लिए बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि सरकार आने वाले एक वर्ष में 1 करोड़ युवाओं को AI स्किल्स की ट्रेनिंग देने का संकल्प ले चुकी है। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का दायरा तेजी से बढ़ रहा है और भारत के युवाओं को इस क्षेत्र में दुनिया का नेतृत्व करने के लिए तैयार किया जाना जरूरी है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में 2.5 लाख से अधिक स्टार्टअप पंजीकृत हैं और हाल ही में AI इम्पैक्ट समिट का आयोजन भी किया गया। उनका जोर इस बात पर रहा कि भारत के युवा नई तकनीक को अपनाकर वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाएं।
कोचिंग की होड़ से मध्यम वर्ग को राहत
प्रधानमंत्री ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए महंगी कोचिंग पर होने वाले खर्च को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कोचिंग क्लास की होड़ गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर बड़ा आर्थिक बोझ बन गई है।
उन्होंने ऐलान किया कि देश के युवाओं के लिए विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी। प्रधानमंत्री के मुताबिक, भारत के पास डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, प्रतिभाशाली शिक्षक और विशेषज्ञों की बड़ी ताकत है। इन संसाधनों का इस्तेमाल करते हुए युवाओं के लिए मुफ्त कोचिंग का व्यापक नेटवर्क तैयार किया जाएगा।
स्टार्टअप और युवाओं पर सरकार का फोकस
प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘स्टार्टअप इंडिया’ के तहत देश में अब 2.5 लाख से ज्यादा स्टार्टअप पंजीकृत हैं। उन्होंने कहा कि देश के युवा केवल अपने लिए रोजगार नहीं तलाश रहे, बल्कि दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने 1 लाख करोड़ रुपये के इनोवेशन फंड की घोषणा की है। भारत में दुनिया का सबसे किफायती डेटा उपलब्ध होने को भी उन्होंने युवाओं की नई ताकत बताया। प्रधानमंत्री ने ‘स्किल इंडिया’, अंतरिक्ष क्षेत्र को निजी भागीदारी के लिए खोलने, राष्ट्रीय ड्रोन नीति और ‘खेलो इंडिया’ जैसी पहलों का भी उल्लेख किया।
शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव का दावा
शिक्षा क्षेत्र का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में 35 वर्षों तक नई शिक्षा नीति नहीं आई थी, लेकिन उनकी सरकार ने नई शिक्षा नीति लागू की है। उन्होंने इसे मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए लाभकारी बताया।
प्रधानमंत्री ने विश्वविद्यालयों की संख्या का आंकड़ा भी साझा किया। उन्होंने कहा कि 2004 से 2014 के बीच देश में 350 से कम विश्वविद्यालय थे, जबकि पिछले 10-12 वर्षों में करीब 650 नए विश्वविद्यालय जोड़े गए हैं और अब देश में विश्वविद्यालयों की संख्या 1,000 के करीब पहुंच रही है। उन्होंने बच्चों में कम उम्र से ही तकनीक और नवाचार के प्रति रुचि विकसित करने के लिए 10,000 से अधिक अटल टिंकरिंग लैब्स का भी उल्लेख किया।
खेलों में भारत को वैश्विक ताकत बनाने का लक्ष्य
प्रधानमंत्री ने खेलों के क्षेत्र में भारत की बढ़ती क्षमता का जिक्र करते हुए कहा कि ‘खेलो इंडिया गेम्स’, यूनिवर्सिटी गेम्स, विंटर गेम्स, बीच गेम्स, खेलों का बुनियादी ढांचा, कोचिंग, स्पोर्ट्स मेडिसिन और स्पोर्ट्स न्यूट्रिशन जैसे क्षेत्रों में भारत उत्कृष्टता की ओर बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि भारत का खेल प्रदर्शन लगातार बेहतर हो रहा है और देश 2036 ओलंपिक की मेजबानी के मजबूत दावेदार के रूप में आगे बढ़ रहा है। साथ ही भारत 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि ओलंपिक में करीब 40 खेल और 325 से 350 के आसपास स्पर्धाएं होती हैं, लेकिन भारत इनमें से करीब दो-तिहाई स्पर्धाओं में मौजूद नहीं है या क्वालीफाई नहीं कर पाता। ऐसे खेलों पर विशेष ध्यान देने के लिए सरकार ‘टैलेंट हंट’ अभियान शुरू करने की तैयारी में है। उन्होंने कहा कि 2036 के ओलंपिक के लिए अभी से प्रतिभाओं को तैयार करना होगा और इसके लिए 5 से 15 वर्ष की उम्र के बच्चों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
Fortune-500 में 50 भारतीय कंपनियों का लक्ष्य
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की अर्थव्यवस्था और वैश्विक कंपनियों को लेकर भी बड़ा लक्ष्य रखा। उन्होंने कहा कि दुनिया में Fortune-500 कंपनियों की चर्चा होती है, तो आने वाले दशक में 50 भारतीय कंपनियों को Fortune-500 में शामिल करना देश का लक्ष्य क्यों नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि भारत के बैंकिंग क्षेत्र ने उल्लेखनीय प्रगति की है और अब एक भारतीय बैंक को दुनिया के शीर्ष पांच बैंकों में शामिल करने का लक्ष्य होना चाहिए।
फार्मास्युटिकल क्षेत्र का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने इस क्षेत्र में काफी काम किया है, लेकिन अब 1-2 भारतीय फार्मा कंपनियों को दुनिया की शीर्ष पांच कंपनियों में जगह बनाने का लक्ष्य रखना चाहिए। उन्होंने भारतीय कंसल्टिंग और अकाउंटिंग कंपनियों को भी वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने तथा भारतीय टेक्नोलॉजी कंपनियों को ग्लोबल आइकन बनाने पर जोर दिया।
बायो-इकोनॉमी में बड़ी छलांग का दावा
प्रधानमंत्री ने भारत की बायो-इकोनॉमी का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले देश की बायो-इकोनॉमी का आकार करीब 60 हजार करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर 20 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भारत को नई तकनीक, नवाचार और उद्योग के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की भूमिका निभानी होगी।
‘दिमागी नक्सल’ को लेकर PM का बड़ा बयान
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘दिमागी नक्सल’ का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हथियारबंद नक्सलवाद काफी हद तक पीछे जा चुका है, लेकिन कुछ लोग विचार और मानसिकता के स्तर पर समाज को गलत दिशा में ले जाने के अवसर तलाश रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे लोग हिंसा और अराजकता के रास्ते खोज रहे हैं। उन्होंने समाज से ऐसे तत्वों को पहचानने और उन्हें अलग-थलग करने की अपील की। साथ ही युवाओं को विकसित भारत के निर्माण से जोड़ने पर जोर दिया।
केंद्र, राज्य और उद्योग को साथ चलने की अपील
प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य केवल केंद्र सरकार के प्रयासों से हासिल नहीं किया जा सकता। इसके लिए केंद्र सरकार, राज्य सरकारों और उद्योग जगत को एक साथ मिलकर काम करना होगा।
उन्होंने सुधारों को लगातार आगे बढ़ाने की जरूरत बताते हुए कहा कि सरकार सुधार मजबूरी में नहीं, बल्कि अपने विश्वास और संकल्प के साथ कर रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए सुधारों की प्रक्रिया लगातार जारी रखनी होगी।
2047 तक विकसित भारत का संकल्प
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को दोहराया। उन्होंने कहा कि भारत की दिशा तय हो चुकी है और अब लक्ष्य को हासिल करना है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए देश को अपनी सोच और काम करने के तरीके में बदलाव लाना होगा। आने वाले वर्षों में तेज गति से काम करने की जरूरत है और जिन कार्यों को पूरा करने में दशकों लग गए, उन्हें अब कम समय में पूरा करने का प्रयास करना होगा।
लाल किले से प्रधानमंत्री का इस वर्ष का संबोधन मुख्य रूप से युवा शक्ति, AI और तकनीक, शिक्षा, खेल, स्टार्टअप, उद्योग और 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य के इर्द-गिर्द केंद्रित रहा। अब इन घोषणाओं और लक्ष्यों को जमीन पर लागू करने की दिशा में सरकार की अगली रणनीति पर नजर रहेगी।
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