राहुल गाँधी के फेक नैरेटिव को चुनाव आयुक्तों ने किया बेनकाब, मुख्यमंत्री फडणवीस बोले- कांग्रेस नेता भ्रम फैला लाना चाहते हैं आराजकता; विपक्ष पर भी कसा तंज
नागपुर: महाराष्ट्र (Maharashtra ) के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) पर तीखा हमला बोला है। चुनाव आयोग की हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस का हवाला देते हुए फडणवीस ने दावा किया कि राहुल गांधी और उनके सहयोगियों द्वारा फैलाया गया 'फेक नैरेटिव' अब पूरी तरह से बेनकाब और ध्वस्त हो चुका है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि संविधान की प्रति हाथ में लेकर संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाना राहुल गांधी का एक पूर्वनियोजित डिजाइन है, जिसके जरिए वे देश में अराजकता फैलाना चाहते हैं।
चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस से खुला सच
देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस से यह स्पष्ट हो गया है कि मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) सहित सभी प्रक्रियाएं पूरी तरह से एकमत और पारदर्शी तरीके से पूरी की गई हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष द्वारा इस प्रक्रिया को लेकर जो भ्रम फैलाया जा रहा था, वह अब पूरी तरह खारिज हो चुका है।
मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा, "हार का ठीकरा हमेशा चुनाव आयोग पर फोड़ने की आदत बन गई है। जब कोई दल तेलंगाना, हिमाचल, पंजाब या कर्नाटक में जीतता है, तब चुनाव आयोग अच्छा लगता है, लेकिन जैसे ही भारतीय जनता पार्टी जीतती है, आयोग पर सवाल खड़े कर दिए जाते हैं।"
'देश में अति-वामी सत्ता लाने की है साजिश'
फडणवीस ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राहुल गांधी की मानसिकता अब पूरी तरह से कम्युनिस्ट और अति-वामी हो चुकी है। वे धीरे-धीरे देश की सभी संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम कर भारतीय संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर ही प्रश्नचिह्न खड़ा करना चाहते हैं।
डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के संविधान सभा के अंतिम भाषण का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबासाहेब ने जिस प्रकार की अराजकता की आशंका जताई थी, आज राहुल गांधी ठीक वैसा ही माहौल देश में पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं।
'वोट चोरी नहीं, विपक्ष का दिमाग चोरी हो चुका है'
महाराष्ट्र और अन्य राज्यों के चुनावों को रद्द करने की विपक्ष की मांग पर पलटवार करते हुए फडणवीस ने कड़े शब्दों में कहा, "ये लोग इसे 'वोट चोरी' कह रहे हैं, लेकिन असल में इनका दिमाग चोरी हो चुका है या इन्होंने उसे कहीं गिरवी रख दिया है।"
उन्होंने पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए कहा कि जिन 15 विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता सूची पुनरीक्षण के तहत सबसे ज्यादा मतदाता कम हुए, वहां भी तृणमूल कांग्रेस ही विजयी हुई। यदि यह सब भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग की मिलीभगत से हुआ होता, तो वहां विपक्षी दल कैसे जीत जाते?
आत्मपरीक्षण की जरूरत
मुख्यमंत्री ने विपक्ष को सलाह दी कि वे झूठे नैरेटिव गढ़ने के बजाय जनता के बीच जाकर उनके मुद्दों को उठाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी साजिश देश के संविधान और संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर नहीं कर सकती तथा भारत में किसी भी कीमत पर अति-वामी राजवट नहीं आने दी जाएगी।
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