logo_banner
Breaking
  • ⁕ 73 लाख किसानों के खातों में 5000 रूपये जमा, CM देवेंद्र फडणवीस बोले- 21 लाख किसानों का कर्जा हुआ माफ़; किसानों के साथ मंत्री मनाएंगे दीपावली ⁕
  • ⁕ सांसद प्रतिभा धनोरकर को श्याम कुमार बर्वे ने मारा थप्पड़! वीडियो वायरल होने से मचा हड़कंप, आलाकमान के पास शिकायत दर्ज ⁕
  • ⁕ अमरावती को मिली बड़ी सौगात! एयर इंडिया फ्लाइंग ट्रेनिंग एकेडमी को DGCA की मंजूरी, जल्द शुरू होगी पायलटों की ट्रेनिंग ⁕
  • ⁕ स्टार एअर की पुणे-नागपुर विमान सेवा बंद, दिवाली से पहले विमान सेवा बंद होने से यात्रियों की बढ़ी परेशानी ⁕
  • ⁕ Chandrapur: इरई बांध में 68 प्रतिशत जल भंडार शेष, "न करें पानी की कटौती", किशोर जोरगेवार की मांग ⁕
  • ⁕ किसानों की आत्महत्या पर प्रकाश आंबेडकर का विवादित बयान, बोले- पहले 10 नेताओं को मारो, फिर मरो! ⁕
  • ⁕ नागपुर अधिवेशन के खर्च में ₹42 करोड़ की बढ़ोतरी, खर्च ₹86.90 करोड़ से बढ़कर ₹129.05 करोड़ रुपये ⁕
  • ⁕ Nagpur: MD ड्रग्स तस्करों पर एंटी नारकोटिक्स टीम का शिकंजा! गणेशपेठ में 7 ग्राम MD ड्रग्स के साथ दो आरोपी गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ Yavatmal: दिग्रस में शादी का झांसा देकर धर्मांतरण के लिए दबाव डालने का आरोप, तीन लोगों पर मामला दर्ज ⁕
Nagpur

BJP का मिशन 'नो क्रॉस वोटिंग': नागपुर के नगरसेवक चले गोवा; जानिए मुख्यमंत्री से मुलाकात और ट्रेनिंग का पूरा 'सियासी' शेड्यूल


नागपुर: महाराष्ट्र में आगामी 18 जून को होने जा रहे विधान परिषद (Maharashtra Legislature Council Election) के रण को फतह करने के लिए शह-मात का खेल चरम पर पहुंच चुका है। नागपुर (Nagpur) की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। चुनाव में किसी भी तरह की क्रॉस वोटिंग, दगाफटका या अंदरूनी बगावत से बचने के लिए भारतीय जनता पार्टी (Bhartiya Janta Party) ने अपने खेमे की ऐसी अभेद्य किलाबंदी की है, जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। अपने वोट बैंक को सुरक्षित रखने और विरोधियों के 'ऑपरेशन लोटस' (Opration Lotus) के उलट किसी भी खतरे को टालने के लिए भाजपा ने नागपुर के अपने सभी नगरसेवकों को शहर से बाहर भेजने का फुलप्रूफ प्लान तैयार कर लिया है। सभी नगरसेवक पूरे 7 दिनों के लिए नागपुर से दूर गोवा (Goa) और मुंबई (Mumbai) के 'सियासी सफर' पर रहेंगे।

आखिर क्यों पड़ी नगरसेवकों को गोवा भेजने की जरूरत?
राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो विधान परिषद के इस चुनाव में एक-एक वोट की कीमत सोने जैसी है। नागपुर भाजपा के भीतर किसी भी तरह की नाराजगी या गुप्त असंतोष दिखाई नहीं दे रहा है। लेकिन इसके बावजूद भाजपा कोई रिस्क नहीं उठाना चाहती है, जिसका फायदा विपक्ष उठा सके। इसके लिए पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने 'घेराबंदी' का यह रास्ता चुना है। खबर है कि इस पूरे टूर को बेहद गोपनीय रखने की कोशिश की गई थी, लेकिन अब इसका पूरा शेड्यूल सामने आ चुका है। दिलचस्प बात यह भी है कि इस पूरी यात्रा और रहने-खाने के खर्च के लिए पार्टी ने नगरसेवकों से ही कुछ 'सहयोग राशि' (कंट्रीब्यूशन अमाउंट) जमा कराई है, ताकि इसे पूरी तरह से आधिकारिक और संगठनात्मक दौरा दिखाया जा सके।

महापौर और उपमहापौर को नागपुर में ही रुकने के आदेश
भाजपा ने इस रणनीतिक दौरे से नागपुर के प्रथम नागरिक यानी महापौर, उपमहापौर, स्थायी समिति के सभापति और कुछ बेहद चुनिंदा और महत्वपूर्ण पदाधिकारियों को अलग रखा है। इन्हें नागपुर में ही रुकने के निर्देश दिए गए हैं। इसके पीछे पार्टी की रणनीति यह है कि शहर का प्रशासनिक काम भी प्रभावित न हो और नागपुर में रहकर ये वरिष्ठ नेता पूरी स्थिति और अन्य निर्दलीय व छोटे दलों के पार्षदों पर भी पैनी नजर रख सकें।

नगरसेवकों का दिन-ब-दिन 'सियासी शेड्यूल':
भाजपा ने अपने नगरसेवकों के लिए जो 7 दिनों का रूट मैप तैयार किया है, वह बेहद कड़ा और सुनियोजित है:

  • 10 जून (मुंबई रवानगी): सभी नगरसेवक नागपुर रेलवे स्टेशन से एक साथ मुंबई के लिए ट्रेन द्वारा रवाना होंगे। सफर के दौरान ही एकजुटता का पाठ पढ़ाया जाएगा।

  • 11 जून से 14 जून (गोवा में मुकाम): 11 जून की सुबह मुंबई पहुंचने के बाद सभी को सीधे गोवा के लिए रवाना किया जाएगा। 14 जून तक यानी पूरे तीन दिन नगरसेवक गोवा के एक सुरक्षित और आलीशान रिसॉर्ट में रहेंगे, जहां बाहरी दुनिया या विपक्ष के नेताओं से उनका संपर्क लगभग नामुमकिन रहेगा।

  • 14 जून (मुख्यमंत्री से मुलाकात): 14 जून को गोवा से सभी नगरसेवक वापस मुंबई लौटेंगे। मुंबई आते ही देर शाम इन सभी की मुलाकात मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से कराई जाएगी। मुख्यमंत्री खुद सभी नगरसेवकों की हौसलाअफजाई करेंगे और चुनाव को लेकर अंतिम निर्देश देंगे।

  • 15 और 16 जून (रामभाऊ म्हाळगी में विशेष पाठशाला): मुंबई के भाईंदर स्थित मशहूर 'रामभाऊ म्हाळगी प्रबोधिनी' में इन नगरसेवकों के लिए दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया है। यहाँ इन्हें मतदान की तकनीकी बारीकियों, वोट रिजेक्ट न होने देने के तरीकों और पार्टी की विचारधारा पर ट्रेनिंग दी जाएगी।

  • 17 जून (नागपुर वापसी): प्रशिक्षण समाप्त होने के बाद 17 जून को सभी नगरसेवक एक साथ ट्रेन से नागपुर वापस लौटेंगे।

  • 18 जून (D-Day - मतदान): नागपुर पहुंचते ही अगले दिन 18 जून को सुबह सीधे सभी नगरसेवक एक साथ विधान परिषद चुनाव के लिए मतदान करने पोलिंग बूथ पहुंचेंगे।


प्रशिक्षण में सभी अपने खर्चे से जा रहे 
वहीं नगरसेवकों के गोवा टूर को लेकर राजस्व मंत्री और विधान परिषद् चुनाव में विदर्भ प्रभारी चंद्रशेखर बावनकुले से बात की गई तो उन्होंने कहा, "हमारे सभी नगरसेवक प्रशिक्षण के लिए अपने स्वयं के खर्च पर जा रहे हैं। कुछ लोग इसे यात्रा बताने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन स्वयं नगरसेवकों ने स्पष्ट कहा है कि वे अपने खर्च से जाएंगे और उन्हें पार्टी से किसी प्रकार की आर्थिक सहायता नहीं चाहिए।" उन्होंने आगे कहा, "यह एक सकारात्मक और सराहनीय पहल है, जिसने नागपुर में जनप्रतिनिधियों के लिए एक आदर्श उदाहरण प्रस्तुत किया है। जनसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और जिम्मेदारी का यह भाव निश्चित रूप से अन्य जनप्रतिनिधियों के लिए भी प्रेरणादायक है।"


विपक्ष की नजरें, भाजपा अलर्ट मोड पर
भाजपा के इस कदम के बाद कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के खेमे में भी सुगबुगाहट तेज हो गई है। भाजपा भले ही उसे स्वयं सहायता बताएं लेकिन राजनीतिक जानकारों का कहना है कि नागपुर में भाजपा के पास बहुमत होने के बावजूद पार्टी कोई भी रिस्क लेने के मूड में नहीं है। 'टूर' के बहाने नगरसेवकों को एक तरफ जहां एकजुट रखने की कोशिश है, वहीं दूसरी तरफ 'रामभाऊ म्हाळगी प्रबोधिनी' में ट्रेनिंग के जरिए इसे पूरी तरह से अनुशासन का जामा पहनाया जा रहा है। अब देखना यह है कि भाजपा का यह 'गोवा-मुंबई' फॉर्मूला चुनाव के नतीजों में कितना कारगर साबित होता है।