फर्जी मूल्यांकन के जरिए 1.40 करोड़ का बैंक लोन लेने का आरोप, धंतोली में दंपति पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज
नागपुर: नागपुर में एक सहकारी बैंक को कथित तौर पर एक करोड़ चालीस लाख रुपये की चपत लगाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक दंपति ने संपत्ति का फर्जी और बढ़ा-चढ़ाकर मूल्यांकन करवाकर बैंक से भारी-भरकम ऋण हासिल किया। मामले का खुलासा बैंक ऑडिट के दौरान हुआ, जिसके बाद पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
नागपुर के धंतोली थाना क्षेत्र में स्थित सारस्वत को-ऑपरेटिव बैंक की शिकायत पर पुलिस ने पुरुषोत्तम मोहनलाल तापड़िया और उनकी पत्नी गीताबाई तापड़िया के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने वर्ष 2024 में नागपुर स्थित अपने एक प्लॉट को बैंक में गिरवी रखकर एक करोड़ चालीस लाख रुपये का ऋण प्राप्त किया था। लेकिन बैंक के ऑडिट के दौरान यह सामने आया कि गिरवी रखी गई संपत्ति का वास्तविक बाजार मूल्य ऋण राशि की तुलना में काफी कम था।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि दंपति ने बैंक के मूल्यांकनकर्ता से संपत्ति का मूल्यांकन करवाया और उसी कागज में हेर फेर कर उसे बढ़ाकर दिखाया और उसी आधार पर बैंक से बड़ा ऋण स्वीकृत कराया। जांच के दौरान बैंक को सौंपे गए कुछ दस्तावेज भी संदिग्ध पाए गए हैं। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर प्रारंभिक जांच के बाद धंतोली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच कर रही है।
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