logo_banner
Breaking
  • ⁕ ओला-उबर और रैपिडो के लिए नई नीति लाने की तैयारी, नितिन गडकरी बोले- 12 करोड़ लोगों को मिल सकता है रोजगार ⁕
  • ⁕ धर्मांतरण के बाद पुराने जातिगत दर्जे के आधार पर नहीं मिलेगा आरक्षण, सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाईकोर्ट के फैसले को ठहराया सही ⁕
  • ⁕ क्रिकेट में नया इतिहास! श्रीलंका में पहली बार होगा ‘टेस्ट ट्वेंटी’, लड़के-लड़कियां मिलकर तय करेंगे जीत ⁕
  • ⁕ Amravati: अमरावती में 40 दिनों में 36 किसानों की आत्महत्या! ₹5 हजार की मदद को यशोमति ठाकुर ने बताया ‘भीख’ ⁕
  • ⁕ DoT का नया निर्देश; नंबर सेव नहीं होने पर भी पता चलेगी कॉलर की पहचान, 4G और 5G नेटवर्क पर मिलेगी सुविधा ⁕
  • ⁕ इमरान खान की बढ़ीं मुश्किलें! 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का नोटिस ⁕
  • ⁕ Amravati: अमरावती जिला बैंक की अंतिम सूची में 2,852 मतदाता, अक्टूबर के आखिर में बजेगा चुनाव का बिगुल ⁕
  • ⁕ Yavatmal: रालेगांव तहसील समूह में सत्ता परिवर्तन! वडकी में वर्षा तेलंगे की हार, प्रवीण कोकाटे की शानदार जीत ⁕
  • ⁕ Buldhana: 'हमें भीख नहीं, मदद चाहिए', बुलढाणा में किसान संघ ने कद्दू और चॉकलेट देकर सरकार के खिलाफ निकाला गुस्सा.. ⁕
  • ⁕ Nagpur: ड्यूटी पूरी कर घर पहुंचे ASI रविंद्र कोकांडे की अचानक बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान मौत ⁕
Maharashtra

स्थानीय निकाय चुनाव पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्थिति की स्पष्ट, कहा - महायुति मिलकर लड़ेगी चुनाव


पुणे: पिछले कुछ वर्षों से रुके पड़े नगर निगम चुनावों के संबंध में सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव पूरा कराने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा है कि राज्य चुनाव आयोग चार सप्ताह के भीतर चुनाव अधिसूचना जारी करे और चार महीने के भीतर चुनाव प्रक्रिया पूरी करे। अब हर किसी को इस बात की उत्सुकता है कि ये चुनाव कब होंगे। इस पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महत्वपूर्ण बयान दिया है। फडणवीस ने मीडिया से बातचीत करते हुए स्थानीय निकाय चुनावों के बारे में अपनी स्थिति स्पष्ट की। 

देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “हम चाहते हैं कि स्थानीय निकाय चुनाव समय पर पूरे हो जाए। चुनाव आयोग ने इसके लिए तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। लेकिन फिलहाल बारिश का मौसम है। हमारी मांग है कि जहां भारी बारिश हो रही है, वहां अतिरिक्त समय दिया जाए।”

उन्होंने स्पष्ट किया कि महायुति स्थानीय निकाय चुनाव एक साथ लड़ेगी। सीएम ने कहा, “हमारा प्रयास है कि आगामी स्थानीय निकाय चुनाव महायुति के रूप में लड़ें। हालांकि, कुछ अपवादात्मक जगहों पर हम अलग-अलग भी लड़ सकते हैं। क्योंकि यह चुनाव कार्यकर्ताओं का है। इसलिए जहां गठबंधन संभव नहीं है, वहां हम अलग-अलग लड़ेंगे। ऐसी जगहों पर हमारा प्रयास एक-दूसरे की आलोचना किए बिना सकारात्मक तरीके से लड़ने का होगा।”