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Nagpur

फडणवीस ब्राह्मण हैं इसलिए निशाना बनाया जा रहा?, बावनकुले ने जारंगे पाटिल पर बोला हमला, कांग्रेस से स्थिति स्पष्ट करने की मांग


नागपुर: राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने मराठा आरक्षण मुद्दे पर कांग्रेस और जरांगे पाटिल पर करारा पलटवार किया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब शरद पवार समेत कई मराठा मुख्यमंत्री रहे, तब आरक्षण क्यों नहीं मिला, जबकि यह ऐतिहासिक कदम देवेंद्र फडणवीस सरकार ने उठाया था। बावनकुले ने आरोप लगाया कि कांग्रेस केवल फडणवीस और उनके परिवार को निशाना बना रही है तथा उनकी जाति को लेकर निचले स्तर की बयानबाजी कर रही है। उन्होंने पूछा, क्या सिर्फ इसलिए हमला किया जा रहा है क्योंकि फडणवीस मराठा या ओबीसी नहीं, बल्कि ब्राह्मण हैं? साथ ही उन्होंने कांग्रेस से यह स्पष्ट करने की मांग की कि क्या वह ओबीसी कोटे से मराठा समाज को आरक्षण देने के पक्ष में है या नहीं।

गुरुवार को कोराडी स्थिति निज निवास पर पत्रकारों से बात करते हुए बावनकुले ने कहा, "मराठा समुदाय को आरक्षण मिलना चाहिए। हमारा मानना ​​है कि मराठा समुदाय को अलग से आरक्षण मिलना चाहिए, हमारे मुख्यमंत्री भी इसी स्थिति के हैं। 50 साल तक शरद पवार और कांग्रेस के मराठा नेता मुख्यमंत्री पद पर रहे, लेकिन उन्होंने मराठा समुदाय के लिए कभी कोई फैसला नहीं लिया। देवेंद्र फडणवीस के सत्ता में आने के बाद, उन्होंने मराठा समुदाय के लिए आरक्षण का फैसला लिया। इसके बाद, उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय में इस आरक्षण को बरकरार रखा गया, यह सब फडणवीस सरकार के दौरान हुआ।"

चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि, "इसके बाद एकनाथ शिंदे ने इसके लिए पहल की और अब देवेंद्र फडणवीस फिर से पहल कर रहे हैं। भले ही उन्होंने मराठा आरक्षण के लिए पहल की और विभिन्न माध्यमों से मांगों को स्वीकार किया, फिर भी अन्य नेताओं को छोड़कर केवल देवेंद्र फडणवीस को ही निशाना बनाया जा रहा है। क्या यह गलत है कि देवेंद्र फडणवीस मराठा नहीं हैं? क्या यह वास्तविक गलती है? यह सही नहीं है कि उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। आप माँगें करते हैं, लेकिन मराठा समुदाय के ज़रिए किसी नेता को निशाना बनाना उचित नहीं है।"

पिछड़े वर्ग का आरक्षण हटाने में कांग्रेस की भूमिका?

बावनकुले ने आगे कहा कि, "हम इस दृष्टिकोण से काम करते रहे हैं कि मराठा समुदाय को आरक्षण मिलना चाहिए। लेकिन हमें स्पष्ट करना चाहिए कि कांग्रेस पार्टी की वास्तविक राय क्या है। मनोज जरांगे पाटिल के आंदोलन का समर्थन करने पर कोई असहमति नहीं है, लेकिन कांग्रेस पार्टी को यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या पिछड़े वर्ग के समुदायों के लिए आरक्षण हटाकर मराठा समुदाय को आरक्षण देना उसका अपना फ़ैसला है? या उसे मराठा समुदाय को अलग से आरक्षण देने पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।"

आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस का दोहरा रवैया

चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि, "क्या हमें पिछड़ी 353 जातियों और 18 पगार जातियों के ओबीसी समुदाय का आरक्षण हटाकर दूसरे समुदायों को दे देना चाहिए? इस संवैधानिक प्रश्न पर कांग्रेस की क्या राय है? अगर उन्होंने थोड़ा भी खुला समर्थन दिया है, तो यह ओबीसी के ख़िलाफ़ है। राहुल गांधी एक तरफ ओबीसी के समर्थन में बोल रहे हैं, जाति जनगणना की मांग कर रहे हैं और दूसरी तरफ ऐसी नौटंकी करके अपनी स्थिति स्पष्ट करने की ज़रूरत है।"

कांग्रेस की स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए

चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि सरकार को मनोज जरांगे से मिलना चाहिए। हमें आंदोलनकारियों की राय समझनी चाहिए, लेकिन कोई भी फैसला लेते समय सरकार को एक समुदाय का आरक्षण हटाकर दूसरे समुदाय को देने का सही फैसला लेना चाहिए। कांग्रेस की स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए। किसी भी समुदाय का आरक्षण कम नहीं होना चाहिए। मराठा समुदाय को आरक्षण मिलना चाहिए। हमारा रुख यही है कि मराठा समुदाय को अलग से आरक्षण मिलना चाहिए, हमारे मुख्यमंत्री भी इसी रुख़ के हैं।