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Akola: अकोला में तीसरा गठबंधन बनाने की तैयारी, भाजपा के लिए बढ़ी सिरदर्दी


अकोला: टिकट के लिए भाजपा में नाराज़ सदस्यों की बढ़ती संख्या और हाल ही में नाराज़ सदस्यों की संख्या में बढ़ोतरी को देखते हुए, उन सभी को एक साथ लाने और नगर पालिका चुनावों में तीसरा गठबंधन बनाने की कोशिशें की जा रही हैं। इससे भाजपा के लिए सिरदर्द बढ़ने की संभावना है।

पिछले कुछ सालों से भाजपा में सक्रीय नाराज़ गुट ने एक अलग तीसरा मोर्चा बनाने की तरफ कदम बढ़ाना शुरू कर दिया है। विधानसभा चुनाव में बगावत के बाद सुलह की कोशिशें बेकार जाने के बाद अब सभी नाराज़ों को एक साथ लाने की कोशिशें हो रही हैं। इसके लिए बातचीत और मीटिंग हो रही हैं, और चर्चा है कि हरीश आलिमचंदानी, डॉ. अशोक ओलंबे, एडवोकेट गिरीश गोखले, पूर्व राज्य मंत्री के रिश्तेदार, पूर्व नगरसेवक आशीष पवित्रकर वगैरह पहल कर रहे हैं।

हालांकि भाजपा ने इस साल भी सत्ता में बने रहने के लिए ज़ोरदार तैयारी शुरू कर दी है, लेकिन उम्मीदवारों की बड़ी भीड़ सिरदर्द बन रही है। अकोला नगर निगम के आम चुनावों के मद्देनजर शहर में राजनीतिक गतिविधियां तेज़ हो गई हैं, और तीसरे मोर्चे की संभावित हरकतों से चुनाव रंगीन होने के संकेत मिल रहे हैं।

कुछ जगहों पर वार्ड के हिसाब से अलग-अलग समीकरण बनाकर वंचित बहुजन आघाड़ी, शिंदे सेना, उद्धव सेना वगैरह पार्टियों का सपोर्ट पाने की भी कोशिश की जाएगी। इसलिए, आने वाले मनपा चुनावों में अकोला की राजनीति ज़्यादा टेंशन वाली और अनिश्चित होने की संभावना है।