logo_banner
Breaking
  • ⁕ अब आउटर रिंग रोड में दौड़ेगी 12 मीटर लंबी EKA बस, बढ़ती दुर्घटनाओं और नागरिकों की सुरक्षा को देखते मनपा का बड़ा निर्णय ⁕
  • ⁕ Nagpur: लगातार नोटिस देने के बाद भी भवन मालिक ने नहीं तोड़ा भवन, मनपा ने खुद बुलडोजर चला किया ध्वस्थ ⁕
  • ⁕ बल्लारपुर क्षेत्र के कोल यार्ड में आग, एक सप्ताह से सुलग रहा कोयला; वेकोलि अधिकारियों की लापरवाही, करोड़ों का नुकसान ⁕
  • ⁕ Chandrapur: नशे का कारोबार किया तो पूरी संपत्ति होगी सील, ड्रग तस्करी में शामिल पान दुकान पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई ⁕
  • ⁕ Nagpur: व्हाट्सऐप पर मुनाफे का झांसा.., ई-कॉमर्स निवेश के नाम पर 4.45 लाख की साइबर ठगी ⁕
  • ⁕ Gondia: दासगांव में बड़ा हादसा: तेज रफ्तार बोलेरो पिकअप ने 3 साल की बच्ची को कुचला, मौके पर ही मौत ⁕
  • ⁕ MPSC परीक्षाओं पर बड़ा फैसला: ऑनलाइन परीक्षा अगस्त 2027 तक टली, तब तक ऑफलाइन ही होंगी सभी परीक्षाएं ⁕
  • ⁕ विदर्भ सहित राज्य के 247 नगर परिषदों और 147 नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद का आरक्षण घोषित, देखें किस सीट पर किस वर्ग का होगा अध्यक्ष ⁕
  • ⁕ अमरावती में युवा कांग्रेस का ‘आई लव आंबेडकर’ अभियान, भूषण गवई पर हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन ⁕
  • ⁕ Gondia: कुंभारटोली निवासियों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर नगर परिषद पर बोला हमला, ‘एक नारी सबसे भारी’ के नारों से गूंज उठा आमगांव शहर ⁕
Maharashtra

छठे राज्य वित्त आयोग की स्थापना को मंजूरी, 31 दिसंबर 2025 को रिपोर्ट सौंपेगी आयोग


मुंबई: मुंबई में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में छठे राज्य वित्त आयोग के गठन को मंजूरी दी गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने की। यह आयोग 1 अप्रैल, 2026 से 31 मार्च, 2031 तक पांच वर्ष की अवधि के लिए सिफारिशें करेगा। आयोग को इन सिफारिशों पर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए 31 दिसंबर 2025 तक का समय मिलेगा।

बैठक में मुख्यमंत्री को आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों के नामों की सिफारिश राज्यपाल को करने का अधिकार देने को भी मंजूरी दी गई। भारतीय प्रशासनिक सेवा के कनिष्ठ प्रशासनिक ग्रेड अधिकारी या समकक्ष रैंक के अधिकारी को आयोग के सदस्य सचिव के पद पर नियुक्त किया जाएगा। बैठक में आयोग के कार्यकाल के दौरान आवश्यक पदों का सृजन करने, आयोग के कार्य को अधिक प्रभावी ढंग से चलाने के लिए आवश्यक कार्यालय तथा आवर्ती एवं अनावर्ती व्ययों के लिए पर्याप्त बजटीय प्रावधान करने को मंजूरी दी गई। 

पंचायतों और नगर पालिकाओं की वित्तीय स्थिति की समीक्षा करेगा

संविधान के भाग IX और IX-A के अंतर्गत पंचायतों और नगर पालिकाओं के बीच वितरित किए जाने वाले शुद्ध राजस्व को राज्य द्वारा एकत्रित किए जाने वाले करों, शुल्कों, पथकरों और फीसों से विभाजित करना तथा ऐसे राजस्व का अपना-अपना हिस्सा पंचायतों और नगर पालिकाओं के सभी स्तरों को आवंटित करना। 

करों, शुल्कों, पथकरों और फीसों का निर्धारण करना जिन्हें पंचायतों या, जैसा भी मामला हो, नगर पालिकाओं को हस्तांतरित किया जाना हो, या जिन्हें पंचायतों या नगर पालिकाओं द्वारा, जैसा भी मामला हो, विनियोजित किया जाना हो।

राज्य की संचित निधि से पंचायतों या, जैसा भी मामला हो, नगरपालिकाओं को दिए जाने वाले सहायता अनुदान को नियंत्रित करने वाले सिद्धांतों को अधिकथित करना। पंचायतों और नगर पालिकाओं की वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए उपाय आवश्यक हैं।

आयोग को स्थानीय स्वशासन निकायों में निधि प्रबंधन के लिए अच्छे तरीकों को विकसित करना चाहिए। स्थानीय स्वशासन निकायों के बेहतर वित्तीय प्रबंधन के लिए कुछ अन्य संबंधित मामलों पर सिफारिशें की जा सकती हैं। 

आयोग केन्द्रीय वित्त आयोग द्वारा की गई सिफारिशों को ध्यान में रखते हुए सिफारिशें कर सकता है। इन विभिन्न मामलों पर सिफारिशें करते समय, कर हिस्सेदारी, शुल्क और सब्सिडी के निर्धारण का आधार जनसंख्या होगी। इसके लिए आयोग 2011 की जनगणना के जनसंख्या आंकड़ों पर विचार करेगा।