नागपुर जिला नियोजन समिति की बैठक में जनप्रतिनिधि सदस्यों ने प्रशासन के कामकाज पर निकाली जमकर भड़ास
नागपुर: पालकमंत्री की अध्यक्षता में हुई नागपुर जिला नियोजन समिति की बैठक में जनप्रतिनिधि सदस्यों ने प्रशासन के कामकाज पर जमकर भड़ास निकाली, जनप्रतिनिधियों की नजारगी कुछ इस कदर थी की पालकमंत्री को ये आदेश देना पड़ा की डीपीडीसी की बैठक में उपस्थित किये गए प्रश्नों का उत्तर 15 दिनों में दिया जाये।
नागपुर जिला नियोजन समिति की हुई बैठक में अधिकारी विधायकों के निशाने पर रहे। जिले से जुड़े कई विषयो पर प्रशासन द्वारा समाधानकाररक उत्तर नहीं मिलने पर लगभग सभी पार्टी के विधायकों द्वारा अपनी नजारगी व्यक्त की गयी। इस बैठक में भाजपा के विधानपरिषद सदस्य परिणय फुके ने सिटी सर्वे कार्यालय में चल रही अनियमितताओं का सवाल खड़ा किया और बताया की किस तरह उन्हें खुद का काम जो इस ऑफिस से जुड़ा हुआ था उसे दलाल के माध्यम से करवाना पड़ा।
फुके ने ही अंबाझरी तालाब में मिलने वाले दूषित पानी का मुद्दा उपस्थित किया और इस पर रोक लगाने की मांग की। फुके ने ही मध्य नागपुर से भाजपा विधायक प्रवीण दटके ने शहर की सुरक्षा के लिए लगाए गए सीसीटीवी कैमरे बंद होने का विषय उठाया। शहर में लगे 3688 कैमरों में से 1200 कैमरे बंद है। इन्हे शुरू किये जाने को लेकर हो रही देरी पर प्रशासन द्वारा चुनावी आचार संहिता का हवाला दिया इस पर प्रवीण दटके ने आक्रामक टिप्पणी की और कहा की आचार संहिता के लिए शहर की सुरक्षा से खिलवाड़ नहीं किया जा सकता। सीसीटीवी के मुद्दे पर अधिकारियो ने दो महीने के अंदर सभी कैमरे शुरू होने की जानकारी दी।
कांग्रेस के विधायक डॉ नितिन राऊत और विकास ठाकरे ने डीपीडीसी में चर्चा में आने वाले मुद्दें के प्रलंबित होने का विषय उठाया इस बार पालकमंत्री ने डीपीडीसी की बैठक में उपस्थित किये गए प्रश्नों का उत्तर 15 दिनों में दिए जाने का निर्देश प्रशासन को दिए। बैठक में अंबाझरी में डॉ बाबासाहेब आंबेडकर स्मारक के काम में होने वाली देरी पर भी पालकमंत्री ने नाराजगी व्यक्त और जल्द काम शुरू किये जाने का निर्देश दिया।
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