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Nagpur

परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के साथ बैठक रही विफल, 5% महंगाई भत्ते की बढ़ोतरी ठुकराकर ST कर्मचारी आंदोलन पर अड़े


नागपुर: महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (MSRTC) के कर्मचारियों की मांगों को लेकर आज, 11 जून 2026 को परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के साथ हुई सभी यूनियनों की हाई-लेवल बैठक बेनतीजा रही है। इस बैठक में सरकार की ओर से कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) को 53% से बढ़ाकर 58% करने का निर्णय लिया गया, लेकिन इसके अलावा अन्य किसी भी आर्थिक मांग को मंजूरी नहीं दी गई। केवल 5% डीए (DA) की इस बढ़ोतरी को नाकाफी बताते हुए एसटी कर्मचारी संयुक्त कृति समिति ने सरकार के प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया है और राज्यव्यापी आंदोलन पर कायम रहने का ऐलान किया है।

कुछ संगठनों ने किया स्वागत, 'कृति समिति' ने जताया कड़ा विरोध
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक द्वारा 5% महंगाई भत्ता बढ़ाने के फैसले का कुछ यूनियनों ने स्वागत किया और मंत्री महोदय का अभिनंदन भी किया। लेकिन 'महाराष्ट्र एसटी कर्मचारी संयुक्त कृति समिति' इस पर राजी नहीं हुई। कृति समिति के नेताओं का कहना है कि एसटी कर्मचारियों की अन्य मुख्य वित्तीय और सेवा संबंधी मांगों पर सरकार ने कोई ठोस आश्वासन या आर्थिक पैकेज नहीं दिया है। सिर्फ महंगाई भत्ते में मामूली बढ़ोतरी करके कर्मचारियों की आंखों में धूल झोंकने की कोशिश की जा रही है।

15, 22 और 29 जून को पूरे महाराष्ट्र में चक्का जाम की तैयारी
बैठक में कोई ठोस समाधान न निकलने के कारण संयुक्त कृति समिति ने अपने पूर्व घोषित आंदोलन को और तेज करने का फैसला किया है। समिति की ओर से साफ कर दिया गया है कि, 15 जून, 22 जून और 29 जून को होने वाले पूर्व नियोजित चरणबद्ध आंदोलन अपने तय शेड्यूल के अनुसार ही होंगे। यह आंदोलन किसी एक डिपो या जिले में नहीं, बल्कि संपूर्ण महाराष्ट्र (राज्यभर) में किया जाएगा।

कृति समिति ने कहा, "हम सिर्फ 5% महंगाई भत्ते की बढ़ोतरी से संतुष्ट होने वाले नहीं हैं। जब तक हमारी अन्य प्रमुख आर्थिक मांगों को पूरा नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा। जून महीने में होने वाले तीनों आंदोलनों की जिम्मेदारी पूरी तरह प्रशासन और सरकार की होगी।"

यात्रियों की बढ़ सकती हैं मुश्किलें
जून का महीना स्कूलों की शुरुआत और मानसून के आगमन का समय होता है। ऐसे में यदि 15 जून से एसटी कर्मचारियों का यह राज्यव्यापी आंदोलन शुरू होता है, तो ग्रामीण और शहरी इलाकों में लाल परी (ST बस) के पहिए थम सकते हैं, जिससे आम यात्रियों और छात्रों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।