logo_banner
Breaking
  • ⁕ वर्धमान नगर- डिप्टी सिग्नल "बहरीन बाई सोनबोइर" फ्लाईओवर जनता को समर्पित, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने किया उद्घाटन ⁕
  • ⁕ Gondia: सखी वन स्टॉप सेंटर की तत्परता: बिहार और भुसावल की दो लापता महिलाएं सकुशल पहुंचीं घर ⁕
  • ⁕ Chandrapur: ड्रग्स मुक्त बनाने की ओर बड़ा कदम: पुलिस ने नष्ट किया 66 लाख रुपये का मादक पदार्थ ⁕
  • ⁕ Nagpur: कोथुलना के पास लहसुन से भरा ट्रक पलटा, दो गंभीर रूप से घायल; स्पीड ब्रेकर बनाने की मांग ⁕
  • ⁕ Nagpur: आर्थिक अनियमितता के मामले में बड़ी कार्रवाई: अरोली की सरपंच रोशनी भुरे अपात्र घोषित, अपर आयुक्त का फैसला ⁕
  • ⁕ Bhandara: तुमसर में सफाई कर्मचारियों ने मुख्याधिकारी की गाड़ी घेरी, आमरण अनशन शुरू ⁕
  • ⁕ रिश्ते शर्मसार: मां दूध लेने गई बाहर, कलयुगी पिता ने अकेली नाबालिग बेटी से की अश्लील हरकत; विरोध करने पर पीटा, गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ विदर्भ सहित राज्य के 247 नगर परिषदों और 147 नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद का आरक्षण घोषित, देखें किस सीट पर किस वर्ग का होगा अध्यक्ष ⁕
  • ⁕ अमरावती में युवा कांग्रेस का ‘आई लव आंबेडकर’ अभियान, भूषण गवई पर हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन ⁕
  • ⁕ Gondia: कुंभारटोली निवासियों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर नगर परिषद पर बोला हमला, ‘एक नारी सबसे भारी’ के नारों से गूंज उठा आमगांव शहर ⁕
National

इलेक्ट्रिक वाहनों के विनिर्माण के लिए नई नीति जाहिर; 4,150 करोड़ का निवेश करने वाली कंपनियों लेगेला 15 प्रतिशत आयत शुल्क


नई दिल्ली: भारत सरकार ने देश में इलेक्ट्रिक यात्री वाहनों के विनिर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए एक नई योजना के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत, भारत में विनिर्माण इकाई स्थापित करने के लिए कम से कम ₹4,150 करोड़ का निवेश करने वाली कंपनियों को केवल 15% आयात शुल्क पर सालाना 8,000 इलेक्ट्रिक कारों का आयात करने की अनुमति दी जाएगी। वर्तमान में, शुल्क 70% से 100% के बीच है।

छूट 5 साल के लिए उपलब्ध होगी। यह छूट केवल 35,000 डॉलर (लगभग 30 लाख रुपये) या उससे अधिक कीमत वाली कारों पर लागू होगी। इस योजना के तहत, कंपनियों को तीन साल के भीतर निवेश पूरा करना होगा और भारत में विनिर्माण इकाई स्थापित करनी होगी। आवेदन प्रक्रिया जून 2025 से शुरू हो सकती है। इच्छुक कंपनियां 15 मार्च, 2026 तक आवेदन कर सकती हैं। आवेदन के साथ 5 लाख रुपये का नॉन-रिफंडेबल शुल्क देना होगा।

टेस्ला को लेकर कुमारस्वामी ने किया बड़ा खुलासा

केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने सोमवार को कहा कि टेस्ला भारत में इलेक्ट्रिक वाहन नहीं बनाएगी। टेस्ला ने मुंबई के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स में अपने शोरूम के लिए स्थान तय कर लिया है। मर्सिडीज-बेंज और स्कोडा-वोक्सवैगन, हुंडई और किआ ने ईवी उत्पादन में रुचि दिखाई है।

यह भी शर्त है; कंपनी को चौथे वर्ष में ₹5,000 करोड़ और पांचवें वर्ष में ₹~7,500 करोड़ का वार्षिक राजस्व प्राप्त करना चाहिए। सरकार ने राजस्व से संबंधित शर्तें भी जोड़ी हैं। किसी भी पात्र कंपनी को चौथे वर्ष में ₹5,000 करोड़ और पांचवें वर्ष में ₹7,500 करोड़ का वार्षिक राजस्व प्राप्त करना होगा।"

उन्होंने आगे कहा, "यदि लक्ष्य पूरा नहीं होता है, तो राजस्व में अंतर पर 3% तक का जुर्माना देना होगा। इससे कंपनियों को आयात पर निर्भर न रहकर भारत में निर्माण और बिक्री करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इस नीति से भारत में मौजूदा इलेक्ट्रिक वाहन कंपनियों के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। फिलहाल देश में ईवी मार्केट में टाटा और महिंद्रा जैसी कंपनियां सबसे आगे हैं।

यह छूट केवल 35,000 डॉलर (करीब 30 लाख रुपये) या उससे ज़्यादा कीमत वाली कारों पर ही लागू होगी। इस योजना के तहत कंपनियों को तीन साल के भीतर निवेश पूरा करके भारत में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगानी होगी। आवेदन प्रक्रिया जून 2025 से शुरू हो सकती है।