logo_banner
Breaking
  • ⁕ ओला-उबर और रैपिडो के लिए नई नीति लाने की तैयारी, नितिन गडकरी बोले- 12 करोड़ लोगों को मिल सकता है रोजगार ⁕
  • ⁕ धर्मांतरण के बाद पुराने जातिगत दर्जे के आधार पर नहीं मिलेगा आरक्षण, सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाईकोर्ट के फैसले को ठहराया सही ⁕
  • ⁕ एसटी के बेड़े में शामिल होंगी 200 लग्जरी वॉल्वो बसें, 170 सीटिंग और 30 स्लीपर कोच का ऑर्डर ⁕
  • ⁕ Amravati: अमरावती में 40 दिनों में 36 किसानों की आत्महत्या! ₹5 हजार की मदद को यशोमति ठाकुर ने बताया ‘भीख’ ⁕
  • ⁕ DoT का नया निर्देश; नंबर सेव नहीं होने पर भी पता चलेगी कॉलर की पहचान, 4G और 5G नेटवर्क पर मिलेगी सुविधा ⁕
  • ⁕ इमरान खान की बढ़ीं मुश्किलें! 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का नोटिस ⁕
  • ⁕ Amravati: अमरावती जिला बैंक की अंतिम सूची में 2,852 मतदाता, अक्टूबर के आखिर में बजेगा चुनाव का बिगुल ⁕
  • ⁕ Yavatmal: रालेगांव तहसील समूह में सत्ता परिवर्तन! वडकी में वर्षा तेलंगे की हार, प्रवीण कोकाटे की शानदार जीत ⁕
  • ⁕ Buldhana: 'हमें भीख नहीं, मदद चाहिए', बुलढाणा में किसान संघ ने कद्दू और चॉकलेट देकर सरकार के खिलाफ निकाला गुस्सा.. ⁕
  • ⁕ Nagpur: ड्यूटी पूरी कर घर पहुंचे ASI रविंद्र कोकांडे की अचानक बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान मौत ⁕
Chandrapur

चंद्रपुर जिला बैंक चुनाव में नया मोड़, सात उम्मीदवारों ने हाईकोर्ट में दी चुनौती


चंद्रपुर: चंद्रपुर जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक चुनाव में सात उम्मीदवारों की वैधता पर आपत्ति जताए जाने के बावजूद उनकी उम्मीदवारी बरकरार रखी गई। इस निर्णय के विरोध में संबंधित सात उम्मीदवारों ने सोमवार (16 जून) को मुंबई उच्च न्यायालय की नागपूर खंडपीठ में याचिका दायर की है। इस मामले में अदालत ने संबंधित पक्षों को नोटिस जारी की है। इस जानकारी की पुष्टि एक उमेदवार ने की है।

मिली जानकारी के अनुसार, विलास मोगरकार ने उमाराणी रवींद्र मरपल्लीवार की उम्मीदवारी को दिनेश चोखारे और अश्लेषा जीवतोडे ने रीता रघाताटे की उम्मीदवारी को पुरुषोत्तम रेचनकार ने उल्हास करपे और अमर बोडलावार की उम्मीदवारी को नागेश्वर ठेंगणे ने सुदर्शन निमकर की उम्मीदवारी को जयंत टेमुर्डे ने विजय रामचंद्र देवतळे की उम्मीदवारी को और शेखर धोटे ने विजय चिंतामण बावणे की उम्मीदवारी को चुनौती दी है।

इन याचिकाओं के चलते चंद्रपुर जिला बैंक चुनाव को नया मोड़ मिल गया है। अब इस पूरे मामले की न्यायिक समीक्षा होने की संभावना है, जिससे चुनावी प्रक्रिया की दिशा बदल सकती है।