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विशेष पॅकेज पर विपक्ष ने सरकार को घेरा, वडेट्टीवार बोले- यह ऊंट के मुँह में जीरा जैसा; कर्ज माफ़ी की मांग दोहराई


नागपुर: अतिवृष्टि से हुए नुकसान पर राज्य सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए 31 हजार करोड़ से ज्यादा का विशेष पॅकेज घोषित किया है। हालांकि, विपक्ष ने सरकार के पैकेज को ऊंट के मुँह में जीरा बताया है। कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा कि, किसानों को बड़े राहत की उम्मीद थी लेकिन सरकार ने फिर एक बार किसानों को छलने का प्रयास किया है। कांग्रेस नेता ने सरकार से फिर एक बार कर्ज माफी की मांग की है। 

वडेट्टीवार ने कहा, "महायुति सरकार किसानों का मज़ाक उड़ा रही है। मराठवाड़ा में जनवरी से सितंबर तक 781 किसान आत्महत्या कर चुके हैं। पिछले 15 दिनों में भारी बारिश के कारण 74 किसानों ने आत्महत्या की है, लेकिन आज सरकार केवल सहायता के आँकड़े बढ़ा-चढ़ाकर बता रही है, जो किसानों का मज़ाक उड़ाना है।"

उन्होंने आगे कहा, "राज्य में किसानों की ज़मीन का कटाव हो गया है। ऐसे समय में जब उनके पशुधन बह गए हैं, किसानों को प्रति हेक्टेयर कुल 50,000 रुपये की सहायता मिलने की उम्मीद थी। वहीं, एनडीआरएफ के मानदंडों के अनुसार दी जा रही सहायता बहुत कम है।

वडेट्टीवार ने आलोचना करते हुए कहा कि इससे किसानों को मदद नहीं मिलेगी, बल्कि वे बर्बाद हो जाएँगे। पंजाब जैसा राज्य केंद्र से मदद लिए बिना 50,000 रुपये प्रति हेक्टेयर तक की सहायता दे सकता है, तो महाराष्ट्र जैसे समृद्ध राज्य में किसानों को ठोस सहायता क्यों नहीं दी जा रही है? क्या सरकार द्वारा घोषित सहायता दिवाली से पहले मिल पाएगी? किसानों के साथ-साथ खेतिहर मज़दूर भी मुश्किल में हैं, उन्हें क्या मदद मिलेगी? वडेट्टीवार ने यह सवाल उठाया।

उन्होंने आगे कहा, "राज्य विधानसभा चुनाव से पहले, महायुति ने कृषि ऋण माफ़ी की घोषणा की थी। आज, जब किसान ऋण माफ़ी की उम्मीद कर रहे थे, तब इसकी घोषणा नहीं की गई। सरकार बस तारीख-दर-तारीख बता रही है कि वह ऋण माफ़ी करेगी। लेकिन सरकार यह नहीं बता रही है कि वह किसानों का ऋण माफ़ कब करेगी।"