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करुण नायर की हो रही घर वापसी, इंग्लैंड से वापस लौट रहे भारत; जाने क्या है कारण


घरेलू क्रिकेट में रन बनाने के बाद करुण नायर के लिए टीम इंडिया के दरवाजे खुल गए। करुण नायर पिछले कुछ सालों से टीम इंडिया में वापसी की कोशिश कर रहे थे। लेकिन आठ साल बाद उन्हें भारतीय टीम में जगह मिली। हालांकि, तीन मैचों की छह पारियों में उनका बल्ला नहीं चला। उन्हें दूसरे और तीसरे टेस्ट में तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए भेजा गया। लेकिन वह वहां भी कुछ खास नहीं कर सके। ऐसे में यह कहना मुश्किल है कि उन्हें चौथे टेस्ट के लिए प्लेइंग इलेवन में जगह मिलेगी या नहीं।

ऐसे में एक बड़ी खबर सामने आई है। करुण नायर को स्वदेश लौटने की इजाजत मिल गई है। विदर्भ क्रिकेट एसोसिएशन ने करुण नायर को अनापत्ति प्रमाण पत्र दे दिया है। यानी करुण नायर अब विदर्भ टीम छोड़कर कर्नाटक के लिए खेलने को तैयार हैं। करुण नायर पिछले तीन सालों से विदर्भ टीम के लिए खेल रहे थे। इसमें उन्होंने जबरदस्त प्रदर्शन किया।

यह कहा जा सकता है कि विदर्भ की टीम करुण नायर के लिए भाग्यशाली रही। क्योंकि उन्होंने रणजी टूर्नामेंट में 16 पारियों में 53.93 की औसत से 863 रन बनाए। इसमें उन्होंने कुल 4 शतक लगाए। इतना ही नहीं, उन्होंने केरल के खिलाफ फाइनल मैच में भी शतक लगाया। उनकी इस पारी के दम पर विदर्भ ने रणजी ट्रॉफी का खिताब जीता। करुण ने रणजी के साथ-साथ विजय हजारे ट्रॉफी में भी अच्छा प्रदर्शन किया। उन्होंने इस टूर्नामेंट में लगातार पांच शतक लगाए। उनका स्ट्राइक रेट 120 से ज्यादा का रहा। उन्होंने 8 पारियों में कुल 779 रन बनाए। इतना ही नहीं, उन्होंने बिना आउट हुए 542 रन भी लिए हैं। लिस्ट ए में यह एक बड़ा रिकॉर्ड है।

करुण नायर इंग्लैंड दौरे में खुद को साबित नहीं कर पाए। एक तरफ दूसरे बल्लेबाज शतक लगा रहे थे। उस समय करुण नायर का बल्ला शांत था। टीम इंडिया में वापसी के बाद वह एक भी अर्धशतक नहीं लगा पाए। पहले मैच की पहली पारी में वह शून्य पर आउट हो गए थे। पिछली छह पारियों में उन्होंने 0, 20, 31, 26, 40 और 14 रन बनाए हैं। अब उन्हें चौथे टेस्ट में मौका मिलता है और अगर वह अच्छा प्रदर्शन नहीं करते हैं तो यह उनकी आखिरी टेस्ट सीरीज हो सकती है।